भारत-पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल 2025 में Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऐतिहासिक Indus Waters Treaty को निलंबित कर दिया था।
अब भारत ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए Ravi River से पाकिस्तान को जाने वाले अतिरिक्त पानी को रोकने की तैयारी शुरू कर दी है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा तनाव
पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने मई 2025 में Operation Sindoor शुरू किया।
इस ऑपरेशन के तहत:
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पाकिस्तान के पंजाब और PoK में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए
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इसे 1971 के बाद सबसे बड़ा सैन्य अभियान माना गया
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दोनों देशों के बीच चार दिनों तक तनावपूर्ण संघर्ष चला
रावी नदी का पानी रोकने की तैयारी
भारत का नया कदम Shahpur Kandi Dam प्रोजेक्ट के पूरा होने से जुड़ा है।
जम्मू-कश्मीर के जल शक्ति मंत्री Javed Ahmed Rana ने कहा:
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डैम 31 मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद
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अतिरिक्त पानी अब पाकिस्तान नहीं जाएगा
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पानी सूखा प्रभावित क्षेत्रों में उपयोग होगा
सूखे इलाकों को मिलेगा लाभ
इस परियोजना से:
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कठुआ और सांबा जिले को सिंचाई पानी मिलेगा
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हजारों हेक्टेयर भूमि को फायदा होगा
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बिजली उत्पादन भी संभव होगा
यह प्रोजेक्ट लगभग 40 साल से लंबित था।
सिंधु जल समझौता और भारत का अधिकार
1960 के समझौते के तहत:
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पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) पर भारत का पूरा अधिकार
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पश्चिमी नदियां पाकिस्तान को आवंटित
पहले स्टोरेज की कमी के कारण रावी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान चला जाता था।
पाकिस्तान की चिंता बढ़ी
पाकिस्तान की कृषि अर्थव्यवस्था सिंधु बेसिन पर निर्भर है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
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गर्मियों में जल संकट बढ़ सकता है
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पंजाब और सिंध प्रांत प्रभावित होंगे
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सामाजिक-आर्थिक दबाव बढ़ेगा
राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीति से जुड़ा कदम
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम:
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आत्मनिर्भर जल उपयोग की दिशा में है
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आतंकवाद पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा
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राष्ट्रीय हितों को मजबूत करने वाला
निष्कर्ष
यह घटनाक्रम दिखाता है कि दक्षिण एशिया में पानी अब केवल संसाधन नहीं बल्कि रणनीतिक और कूटनीतिक हथियार बनता जा रहा है।
जलवायु परिवर्तन, बढ़ती आबादी और राजनीतिक तनाव आने वाले समय में इस विवाद को और गंभीर बना सकते हैं।







