गाजियाबाद। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अभिभावकों पर किताबों का खर्च बढ़ जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन (IPA) 28 और 29 मार्च 2026 को राजनगर एक्सटेंशन में निःशुल्क ‘बुक एक्सचेंज मेला’ आयोजित करने जा रही है।
यह मेला सेंट्रल पार्क, ओरा कायमेरा सोसायटी में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक लगेगा, जहां अभिभावक अपने बच्चों की पुरानी किताबें लाकर दूसरी कक्षाओं की जरूरत की किताबों से एक्सचेंज कर सकेंगे।
क्यों खास है यह बुक एक्सचेंज मेला?
आज के समय में स्कूलों की महंगी किताबें अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। ऐसे में यह बुक एक्सचेंज मेला एक स्मार्ट और किफायती समाधान के रूप में सामने आया है।
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बिना पैसे खर्च किए नई कक्षा की किताबें मिलेंगी
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पुरानी किताबों का दोबारा उपयोग होगा
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हर साल नई किताब खरीदने की जरूरत कम होगी
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
यह पहल सिर्फ आर्थिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी हुई है।
कम किताबें छपने का मतलब है:
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कम पेड़ों की कटाई
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कम कागज का उपयोग
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पर्यावरण पर कम दबाव
IPA की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने बताया कि यह अभियान कई वर्षों से चल रहा है और अब देश के कई हिस्सों में लोकप्रिय हो चुका है।
कई संगठनों का मिल रहा सहयोग
इस आयोजन को सहायता संपर्क समूह और राजनगर एक्सटेंशन ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह मेला अभिभावकों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देता है, जहां वे बिना किसी शुल्क के किताबों का आदान-प्रदान कर सकते हैं।
अभिभावकों से खास अपील
आयोजन समिति ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेले में भाग लें और अपनी पुरानी किताबों को उपयोग में लाकर इस पहल को सफल बनाएं।
यह बुक एक्सचेंज मेला न सिर्फ पैसे बचाने का तरीका है, बल्कि यह सामाजिक सहयोग, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का भी एक मजबूत उदाहरण है।







