गाजियाबाद (इंद्रापुरम)। दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय संस्था इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन (IPA) ने प्रदेश के पहले दिव्यांग पार्क को कथित रूप से वोटिंग पार्क में बदलने की कोशिश का विरोध किया है। IPA ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील करते हुए पार्क को उसकी मूल स्थिति में सुरक्षित रखने की मांग की है।
2020 में हुआ था दिव्यांग पार्क का उद्घाटन
गाजियाबाद के इंद्रापुरम में स्थित इस दिव्यांग पार्क का उद्घाटन वर्ष 2020 में पूर्व केंद्रीय मंत्री जनरल वी.के. सिंह द्वारा किया गया था। यह पार्क दिव्यांग बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
IPA का आरोप है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा इसे व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग करने की कोशिश की जा रही है, जिससे पार्क के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
रात में शुरू हुई खुदाई, अभिभावकों में आक्रोश
IPA के पदाधिकारियों ने हाल ही में पार्क का निरीक्षण किया और दिव्यांग बच्चों व उनके अभिभावकों से मुलाकात की। इस दौरान कई अभिभावक भावुक हो गए। IPA की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी और महासचिव महिपाल रावत ने बताया कि 19 दिसंबर की रात प्रदूषण नियंत्रण संबंधी पाबंदियों के बावजूद पार्क में खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया था।
IPA और अभिभावकों के तत्काल विरोध के बाद यह कार्य तो रुक गया, लेकिन खुदाई से हुई क्षति को अब तक बहाल नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
IPA ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे स्वयं इस मामले का संज्ञान लें और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कि दिव्यांग पार्क को उसकी पुरानी स्थिति में तुरंत बहाल किया जाए। संस्था ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पार्क को नुकसान पहुंचाने या उसकी मूल प्रकृति बदलने की कोशिश की गई, तो IPA और अभिभावक व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
संविधान और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन: IPA
IPA के कानूनी सलाहकार अशोक गहलोत, सुमित त्यागी और पदाधिकारी राहुल शर्मा ने कहा कि दिव्यांग पार्क को नष्ट करना या उसके उपयोग में बदलाव करना संविधान के अनुच्छेद 21 और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि यह पार्क दिव्यांग बच्चों के लिए एकमात्र सुरक्षित और समर्पित स्थान है, जिस पर कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
IPA और अभिभावकों का संयुक्त संघर्ष जारी है। सभी को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से यह दिव्यांग पार्क सुरक्षित रहेगा और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।










