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आरटीई दाखिलों में फर्जीवाड़े पर आईपीए की आपत्ति, आय प्रमाण पत्रों की सख्त जांच की मांग

BPC News National Desk
4 Min Read

उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया को लेकर इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन (IPA) ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन ने आरोप लगाया है कि फर्जी आय प्रमाण पत्रों के जरिए आर्थिक रूप से सक्षम अभिभावक योजना का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद बच्चों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

आरटीई के तहत प्रथम चरण की आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी 2026 से शुरू होकर 16 फरवरी तक चल रही है। इसी दौरान सामने आई शिकायतों के बाद आईपीए ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

फर्जी आय प्रमाण पत्रों पर सवाल

आईपीए की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने कहा कि हर वर्ष बड़ी संख्या में अभिभावक एक लाख रुपये से कम आय के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आरटीई के तहत दाखिला ले लेते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों के बच्चों को नुकसान उठाना पड़ता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की कि फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले अभिभावकों के साथ-साथ जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।

सीमा त्यागी ने कहा,
“आरटीई योजना का उद्देश्य कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। यदि फर्जीवाड़े पर रोक नहीं लगी, तो योजना का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।”

आरटीई पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें

आईपीए के उपाध्यक्ष विनय कक्कड़ ने आरटीई पोर्टल (rte25.upsdc.gov.in) की धीमी गति और तकनीकी खामियों पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, कई अभिभावकों को आवेदन भरने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अभिभावकों की शिकायत है कि:

  • पोर्टल बार-बार हैंग हो रहा है

  • पेज लोड होने में अत्यधिक समय लग रहा है

  • आवेदन सबमिट नहीं हो पा रहे

इन समस्याओं को लेकर विनय कक्कड़ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव से बातचीत की और प्रथम चरण की तिथि बढ़ाने की मांग की।

प्रशासन का आश्वासन

बीएसए ओ.पी. यादव ने आईपीए को आश्वासन दिया है कि पोर्टल से जुड़ी समस्याओं को उच्च अधिकारियों की आगामी ऑनलाइन बैठक में उठाया जाएगा, ताकि जल्द समाधान निकल सके और अभिभावकों को राहत मिले।

आरटीई 2026-27: तीन चरणों में प्रक्रिया

  • प्रथम चरण:
    आवेदन – 2 से 16 फरवरी 2026
    लॉटरी – 18 फरवरी
    नामांकन आदेश – 20 फरवरी तक

  • द्वितीय चरण:
    21 फरवरी से 7 मार्च 2026

  • तृतीय चरण:
    12 से 25 मार्च 2026

आईपीए की प्रमुख मांगें

आईपीए ने प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं:

  1. आय प्रमाण पत्रों की सख्त जांच

  2. फर्जीवाड़े में शामिल अभिभावकों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई

  3. आरटीई पोर्टल की तकनीकी खामियों को तुरंत दूर करना

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो हजारों पात्र बच्चे शिक्षा से वंचित रह सकते हैं। आईपीए ने अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल वास्तविक पात्रता के आधार पर ही आवेदन करें।

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