नई दिल्ली/तेहरान। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 Lightning II स्टील्थ फाइटर जेट को निशाना बनाया है।
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का कहना है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने जेट को लॉक कर मिसाइल से हिट किया।
अमेरिका का अलग दावा
वहीं अमेरिकी United States Central Command (CENTCOM) ने स्वीकार किया कि एक F-35 मिशन के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन उसे मार गिराए जाने से इनकार किया।
अमेरिकी पक्ष के अनुसार, जेट ने सुरक्षित रूप से मिडिल ईस्ट के एक एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग की और पायलट सुरक्षित है।
दुनिया के सबसे एडवांस जेट पर सवाल
F-35 Lightning II दुनिया के सबसे आधुनिक और महंगे फाइटर जेट्स में से एक है, जिसकी कीमत लगभग 100–120 मिलियन डॉलर (800–1000 करोड़ रुपये) प्रति यूनिट होती है।
यह अपनी स्टील्थ टेक्नोलॉजी, एडवांस सेंसर और मल्टी-रोल क्षमताओं के लिए जाना जाता है।
क्या पहली बार हुआ ऐसा?
ईरान का दावा है कि यह पहली बार है जब F-35 जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
एयर डिफेंस सिस्टम की ताकत
ईरान के पास रूसी S-300 Missile System और स्वदेशी बावार-373 जैसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं।
अगर यह दावा सही साबित होता है, तो ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
राजनीतिक असर और दबाव
यह घटना Donald Trump प्रशासन के लिए भी चुनौती बन सकती है।
हाल ही में अमेरिका ने ईरान की एयर डिफेंस को कमजोर करने का दावा किया था, जिसे यह घटना कमजोर कर सकती है।
विशेषज्ञों की राय
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि:
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IRGC के दावे की पुष्टि जरूरी है
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जेट संभवतः मिसाइल डेब्री या एंटी-एयर फायर से प्रभावित हुआ हो सकता है
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स्टील्थ तकनीक पूरी तरह अजेय नहीं है
क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है
United States और Iran के बीच पहले से जारी तनाव इस घटना के बाद और बढ़ सकता है।
अगर जेट के नुकसान की पुष्टि होती है, तो जवाबी सैन्य कार्रवाई की संभावना भी बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि F-35 को वास्तव में मार गिराया गया या सिर्फ क्षति पहुंची।









