ईरान में उभरते सुरक्षा संकट ने वैश्विक एविएशन सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है। ईरान सरकार ने 15 जनवरी 2026 को अचानक अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट प्रभावित हुए। यह बंदी मुख्य रूप से तेहरान और आसपास के क्षेत्रों में लागू हुई, जो पूर्व-पश्चिम उड़ानों के लिए एक अहम कॉरिडोर माने जाते हैं।
इस कदम के बाद यूरोप, अमेरिका और एशिया को जोड़ने वाली कई उड़ानों को या तो रीरूट किया गया या फिर रद्द करना पड़ा।
सुरक्षा हालात बिगड़े, इसलिए लिया गया फैसला
ईरान में पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। इन प्रदर्शनों में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ गुस्सा खुलकर सामने आया है। सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई में हजारों मौतें और गिरफ्तारियां होने की खबरें हैं, जिससे अमेरिका के साथ तनाव और गहरा गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई थी, हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि हिंसा कुछ हद तक रुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी पृष्ठभूमि में ईरान ने एयरस्पेस बंद किया है, ताकि:
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संभावित मिसाइल लॉन्च,
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एयर डिफेंस सिस्टम की ऊंची सतर्कता,
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या किसी सैन्य गतिविधि के दौरान सिविल विमानों को जोखिम न हो।
भारतीय एयरलाइंस पर सीधा असर
ईरान के ऊपर से होकर गुजरने वाले कई रूट्स भारतीय एयरलाइंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, खासकर यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों के लिए। एयरस्पेस बंद होने से भारत की प्रमुख एयरलाइंस को तुरंत अपने ऑपरेशन में बदलाव करना पड़ा।
एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया ने X (पूर्व में ट्विटर) पर अपडेट देते हुए कहा कि ईरान की स्थिति और एयरस्पेस बंद होने के कारण कुछ उड़ानों को वैकल्पिक रूट्स से भेजा जा रहा है, जिससे देरी हो सकती है। जहां रीरूटिंग संभव नहीं, वहां कुछ उड़ानें रद्द की गई हैं, खासकर अमेरिका जाने वाली लंबी दूरी की फ्लाइट्स।
एयर इंडिया ने यात्रियों से फ्लाइट स्टेटस चेक करने और एयरपोर्ट टीम से सहायता लेने की अपील की है।
इंडिगो और स्पाइसजेट का अपडेट
इंडिगो ने भी यात्रियों को सूचित किया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं और उनसे फ्लाइट स्टेटस जांचने व वैकल्पिक विकल्प चुनने का अनुरोध किया।
वहीं स्पाइसजेट ने X पर ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा:
“ईरान में एयरस्पेस क्लोजर के कारण कुछ फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं। यात्री कृपया फ्लाइट स्टेटस चेक करें या हेल्पलाइन से संपर्क करें।”
रीरूटिंग से बढ़ा समय और खर्च
ईरान एयरस्पेस बंद होने के कारण कई उड़ानों को इराक या अन्य पड़ोसी देशों के रास्ते भेजा जा रहा है। इससे:
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ईंधन की खपत बढ़ रही है,
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उड़ान समय में 2 से 4 घंटे तक की देरी हो रही है,
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और एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत भी बढ़ गई है।
फिर भी कंपनियां यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ये फैसले ले रही हैं।
स्थिति का ताजा अपडेट
ईरान ने एयरस्पेस को करीब 5 घंटे के लिए बंद रखा, जो स्थानीय समयानुसार सुबह तक चला। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक बाद में इसे दोबारा खोल दिया गया है और उड़ानें धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। हालांकि स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है और एयरलाइंस लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं।
SafeAirspace जैसी एविएशन सेफ्टी वेबसाइट्स ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात में सिविल ट्रैफिक के लिए मिसआइडेंटिफिकेशन का खतरा बना हुआ है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
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अपनी फ्लाइट का स्टेटस एयरलाइन ऐप, वेबसाइट या हेल्पलाइन से जरूर चेक करें।
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यदि उड़ान रद्द या डिले है, तो रिफंड, री-बुकिंग या वैकल्पिक फ्लाइट के विकल्प चुनें।
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अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय और वैकल्पिक रूट्स का ध्यान रखें।
निष्कर्ष: भू-राजनीति का सीधा असर यात्रा पर
यह घटना दिखाती है कि भू-राजनीतिक तनाव कितनी तेजी से वैश्विक यात्रा और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। ईरान में स्थिति गंभीर बनी हुई है और दुनिया भर की एयरलाइंस हालात पर नजर रखे हुए हैं।
उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी, लेकिन फिलहाल यात्रियों को सतर्क और अपडेटेड रहने की सलाह दी जा रही है।








