Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

816745
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक, जयशंकर का बयान—“भारत दलाल नहीं, जिम्मेदार कूटनीतिक शक्ति”

BPC News National Desk
4 Min Read

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात ने वैश्विक चिंता को बढ़ा दिया है। इसी गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए भारत में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया और क्षेत्रीय हालात के भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विदेश नीति पर उठे अहम सवाल

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान विदेश नीति और भारत की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए। इसी क्रम में जब विदेश मंत्री एस जयशंकर से ईरान से जुड़े तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति में भारत की मध्यस्थता को लेकर प्रश्न पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट और सख्त शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दी।

“भारत दलाल नहीं” – जयशंकर

जयशंकर ने कहा कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र और संतुलित है, और देश किसी भी स्थिति में “दलाल” की भूमिका नहीं निभा सकता। उन्होंने कहा, “यह कोई नई स्थिति नहीं है, यह 1981 से चल रहा है। अमेरिका ने वर्षों से पाकिस्तान को ईरान के साथ बातचीत में शामिल रखा है, लेकिन भारत उस तरह की भूमिका नहीं निभाएगा।”

स्वतंत्र और संतुलित कूटनीति

उनके इस बयान को भारत की स्पष्ट कूटनीतिक नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें देश अपनी संप्रभुता और गरिमा को प्राथमिकता देता है। यह रुख दर्शाता है कि भारत वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और आत्मनिर्भर शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाए रखना चाहता है।

ऊर्जा और व्यापार पर संभावित असर

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों पर पड़ सकता है। यह क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करता है।

विशेषज्ञों की चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ेगा। इससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। साथ ही, इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय कामगारों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।

सरकार की तैयारियां और सुझाव

बैठक के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने सुझाव दिया कि सरकार को स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की तैयारी रखने पर भी जोर दिया गया। साथ ही कूटनीतिक स्तर पर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई।

शांति और संवाद की नीति

भारत की विदेश नीति पर चर्चा करते हुए यह बात सामने आई कि देश हमेशा शांति, संवाद और स्थिरता का समर्थन करता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत हर विवाद में मध्यस्थता करेगा। जयशंकर के बयान से स्पष्ट है कि भारत अपनी भूमिका राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय करेगा।

सरकार का आश्वासन

बैठक के अंत में राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक एकता बेहद जरूरी है।

भारत की मजबूत वैश्विक भूमिका

कुल मिलाकर, यह सर्वदलीय बैठक और उसमें दिए गए बयान यह दर्शाते हैं कि भारत वैश्विक संकटों के बीच संतुलित और जिम्मेदार भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जयशंकर का स्पष्ट संदेश यह भी बताता है कि देश अब अपनी विदेश नीति में अधिक आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ कदम उठा रहा है।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *