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नीतीश को भारत रत्न मांग पर JDU ने केसी त्यागी से बनाई दूरी

BPC News National Desk
3 Min Read

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी से साफ दूरी बना ली है। त्यागी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की गई मांग को जदयू ने निजी बयान करार देते हुए पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग बताया है।

केसी त्यागी ने पीएम मोदी को लिखा था पत्र

केसी त्यागी ने अपने पत्र में नीतीश कुमार को समाजवादी आंदोलन का “अनमोल रत्न” बताते हुए उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग की थी। उन्होंने यह भी लिखा था कि कई जीवित राजनेताओं को पहले भी भारत रत्न मिल चुका है।

त्यागी ने उदाहरण के तौर पर चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर (मरणोपरांत) का जिक्र किया, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में यह सम्मान दिया गया।

जदयू की त्वरित प्रतिक्रिया, पार्टी ने बनाई दूरी

त्यागी का पत्र सामने आने के महज एक दिन बाद ही जदयू ने इस मांग से खुद को अलग कर लिया।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा,

“हाल के दिनों में केसी त्यागी के कई बयान आए हैं, लेकिन ये पार्टी के आधिकारिक स्टैंड नहीं हैं। वे यह सब अपनी निजी क्षमता में कह रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा,

“पार्टी कार्यकर्ताओं को तो यह भी पता नहीं कि केसी त्यागी जदयू में हैं या नहीं। उनके बयानों को जदयू से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।”

नीतीश कुमार को नहीं पसंद आई मांग?

हालांकि राजीव रंजन प्रसाद ने सीधे तौर पर भारत रत्न वाली मांग का जिक्र नहीं किया, लेकिन बयान के समय और संदर्भ को देखते हुए राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह मांग पसंद नहीं आई

जदयू की इस त्वरित प्रतिक्रिया से संकेत मिलते हैं कि पार्टी और खुद नीतीश कुमार ऐसे सम्मानों की दौड़ से दूर रहना चाहते हैं

पहले भी उठ चुकी है भारत रत्न की मांग

यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग उठी हो। पहले भी कई समर्थक और नेता यह मांग कर चुके हैं, लेकिन जदयू की ओर से कभी आधिकारिक समर्थन नहीं मिला

एनडीए की एकजुटता बनाए रखने की रणनीति?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जदयू का यह कदम एनडीए गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने और अनावश्यक विवादों से बचने की रणनीति भी हो सकता है।
ऐसे समय में जब नीतीश कुमार एनडीए के अहम सहयोगी हैं, पार्टी किसी भी तरह का असहज राजनीतिक संदेश नहीं देना चाहती।

अब केसी त्यागी की प्रतिक्रिया पर नजर

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि केसी त्यागी इस दूरी पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। क्या वे अपने बयान पर कायम रहेंगे या पार्टी लाइन में लौटेंगे, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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