सोशल मीडिया सेंसेशन और ‘कच्चा बादाम’ गाने से मशहूर अंजलि अरोड़ा के बॉयफ्रेंड आकाश संसनवाल को उत्तर प्रदेश पुलिस ने फर्जी वीआईपी पहचान के मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर काशी टोल प्लाजा पर नियमित वाहन चेकिंग के दौरान की गई।
काशी टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान खुला मामला
गणतंत्र दिवस के आसपास सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान परतापुर थाना क्षेत्र में स्थित काशी टोल प्लाजा पर दिल्ली नंबर की स्कॉर्पियो कार को रोका गया। जांच के दौरान कार पर पूर्व सांसद (एक्स-एमपी) का स्टीकर लगा मिला, जो फर्जी पाया गया।
लोकसभा और राज्यसभा का लोगो लगा था स्टीकर पर
पुलिस जांच में सामने आया कि स्टीकर पर लोकसभा सचिवालय और राज्यसभा का लोगो लगा हुआ था, जिससे वीआईपी रुतबा दिखाने की कोशिश की जा रही थी। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आकाश संसनवाल घबरा गए और मौके से भागने का प्रयास किया।
भागने की कोशिश, चार और आरोपी भी गिरफ्तार
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दो स्कॉर्पियो और दो थार गाड़ियों को घेरकर सभी आरोपियों को दबोच लिया।
आकाश संसनवाल के साथ गिरफ्तार अन्य आरोपियों में शामिल हैं:
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कर्मवीर सिंह (मुजफ्फरनगर)
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आशीष चौधरी (गौतमबुद्धनगर)
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कपिल प्रजापति (दिल्ली)
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दानिश चौधरी (गाजियाबाद)
सभी वाहनों पर एमपी/एमएलए के फर्जी पास और स्टीकर लगे हुए थे।
परतापुर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने परतापुर थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के प्रयोग और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सभी लग्जरी गाड़ियों को सीज कर दिया गया है और आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी छुड़ाने के लिए लगे राजनीतिक फोन
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आकाश संसनवाल को छुड़ाने के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई नेताओं ने पुलिस अधिकारियों को फोन किए। वहीं, अंजलि अरोड़ा के भी मामले में सक्रिय होने की चर्चाएं हैं, हालांकि पुलिस ने किसी दबाव से इनकार किया है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और राजनीतिक कनेक्शन
पूछताछ में आकाश ने खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताया। उसके इंस्टाग्राम पर करीब 80 हजार फॉलोअर्स हैं। वह एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर है और एक बीजेपी से जुड़े सोशल मीडिया पेज को भी संचालित करता है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसने इससे पहले भी फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया या नहीं।
फर्जी वीआईपी संस्कृति पर सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई फर्जी वीआईपी संस्कृति और धाक जमाने की प्रवृत्ति के खिलाफ सख्त संदेश है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।







