उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चल रहे रेलवे निर्माण कार्य के दौरान सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। निर्माणाधीन एडिट टनल में अचानक भूस्खलन होने से मौके पर अफरातफरी मच गई, लेकिन समय रहते सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
देर रात हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 अप्रैल 2026 की रात करीब 11:30 बजे की है। रेलवे टनल प्रोजेक्ट 7बी पैकेज के तहत कार्य चल रहा था, तभी अचानक टनल के भीतर मिट्टी का धंसाव शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि यह स्थान पुलिस चौकी जवाड़ी से करीब 1.5 किलोमीटर दूर स्थित है।
मलबा गिरने से मची अफरातफरी
टनल के भीतर अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने लगा, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू प्रक्रिया शुरू की गई और सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन और कंपनी की तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पुलिस उपाधीक्षक विकास पुण्डीर ने बताया कि स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। वहीं निर्माण कार्य कर रही मेघा कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी महेश भट्ट ने भी पुष्टि की कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं।
मरम्मत कार्य शुरू
घटना के बाद कंपनी की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई और टनल की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। विशेषज्ञों द्वारा धंसाव के कारणों की जांच भी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सुरक्षा उपायों पर जोर
प्रशासन ने निर्माण कार्य में लगे सभी श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही टनल के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और नियमित निगरानी रखने को कहा गया है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
निष्कर्ष
यह घटना भले ही एक बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी, लेकिन समय रहते की गई कार्रवाई ने कई जिंदगियों को बचा लिया। फिलहाल प्रशासन और तकनीकी टीमें स्थिति को सामान्य करने में जुटी हैं। इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना कितना आवश्यक है।






