गाजियाबाद के लोनी इलाके में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी जीशान को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की तेज जांच और योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद हुई।
हमले की पृष्ठभूमि
27 फरवरी 2026 की सुबह लोनी थाना क्षेत्र के अली गार्डन (निठौरा रोड) स्थित ऑफिस में दो बदमाश घुस आए और यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने उनकी गर्दन और पेट पर कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल, फिर GTB अस्पताल और बाद में मैक्स अस्पताल साकेत में भर्ती कराया गया। उनकी हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस जांच और आरोपी की पहचान
घटना के बाद पुलिस ने 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। जांच में मुख्य आरोपी की पहचान जीशान के रूप में हुई, जो मूल रूप से अमरोहा का रहने वाला था और वर्तमान में गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में रह रहा था।
जीशान पेशे से कारपेंटर था। उस पर पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया।
मुठभेड़ कैसे हुई
1 मार्च 2026 की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी लोनी इलाके में छिपा हुआ है। निठौरा रोड रेलवे अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान संदिग्ध बाइक सवारों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
लगभग 10 मिनट चली मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में जीशान को गोली लगी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसका साथी मौके से फरार हो गया।
पुलिसकर्मी घायल
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी सचिन कुमार और विपिन ठाकुर भी घायल हुए, जिनका इलाज जारी है।
मौके से बरामद सामान
पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किए:
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इटली निर्मित पिस्टल
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14 जिंदा कारतूस
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हमला करने वाला धारदार हथियार
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मोटरसाइकिल
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गोड ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई।
जांच की वर्तमान स्थिति
प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि मुख्य हमला जीशान ने किया था। फरार साथी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े विवादों के कारण भी चर्चा में है।
कानून व्यवस्था पर सरकार का रुख
राज्य सरकार का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।









