नैनीताल/रामनगर, 08 दिसंबर। नैनीताल जिले के रामनगर के पुछड़ी क्षेत्र में आज प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने आरक्षित वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुल 52 अवैध स्ट्रक्चर ध्वस्त कर दिए गए। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई और स्थिति पूर्ण रूप से नियंत्रण में रही।
ADM बोले—पूरी प्रक्रिया कानूनी, नोटिस पहले ही जारी किए गए थे
मौके पर मौजूद एडीएम विवेक राय ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।
उन्होंने कहा:
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सभी अतिक्रमणकारियों को पहले नोटिस दिए गए थे
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सुनवाई का पूरा मौका दिया गया
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उसके बाद ही निष्कासन का आदेश जारी हुआ
एडीएम ने बताया कि क्षेत्र को 9 सेक्टरों में विभाजित कर अलग-अलग क्षेत्रों में सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। एक सुपर जोन बनाया गया था और संपूर्ण लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी एक एडीएम स्तर के अधिकारी को सौंपी गई।
भारी पुलिस बल तैनात—ड्रोन और वीडियोग्राफी से निगरानी
पूरी कार्रवाई के दौरान:
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ड्रोन से निगरानी
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निरंतर वीडियोग्राफी
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पर्याप्त पुलिस तैनाती
की गई, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और अधिकांश लोगों ने पहले ही अपना सामान शिफ्ट कर लिया था।
पीड़ित परिवारों का दर्द—“हमने जमीन खरीदी थी… अब कहाँ जाएँ?”
हालाँकि कई परिवार कार्रवाई के दौरान रोते-बिलखते नजर आए।
एक पीड़ित महिला सीमा ने कहा:
“अब हमारे पास रहने के लिए कुछ नहीं बचा। मैं अकेली कमाने वाली हूँ, पति बीमार हैं… बच्चों को लेकर कहाँ जाऊँ?”
एक अन्य पीड़ित ने आरोप लगाया:
“जब हम मकान बना रहे थे तब सब देख रहे थे। किसी ने रोका नहीं। आज हमें सड़क पर ला दिया।”
कई लोगों ने दावा किया कि उन्होंने यह जमीन 2–3 लाख रुपये में रामनगर के एक डॉक्टर ताहिर और एक पत्रकार से खरीदी थी।
कुछ ने वन विभाग के कर्मचारियों पर भी पैसे लेकर मौन रहने के आरोप लगाए।
जमीन बेचने वालों पर होगी कार्रवाई—ADM का बयान
इन आरोपों पर एडीएम विवेक राय ने कहा:
“जिन लोगों ने अवैध तरीके से जमीन बेची है, उनकी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।”
DFO बोले—170 परिवारों पर बेदखली आदेश, 52 पर हुई कार्रवाई
तराई पश्चिम रामनगर के DFO प्रकाश आर्य ने बताया कि:
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अपर कोसी ब्लॉक में 170 परिवारों को बेदखली नोटिस दिया गया था
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कई परिवार पहले ही स्वयं हट गए
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कुछ मामलों पर अदालत में सुनवाई चल रही है
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आज केवल 52 परिवारों के अवैध निर्माण हटाए गए
कार्रवाई पर जनता में सवाल—कहाँ फेल हुई सिस्टम?
इस घटना के बाद लोगों में एक बड़ा सवाल उठ रहा है—
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अवैध निर्माण वर्षों तक कैसे चलता रहा?
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जब घर बन रहे थे तब किसी ने रोक क्यों नहीं लगाई?
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है।










