प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण (PC-PNDT एक्ट) के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत थाना लोनी पुलिस और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) गाजियाबाद की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक व्यक्ति को अवैध रूप से भ्रूण का लिंग परीक्षण करते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान लोनी निवासी रविंद्र कुमार उर्फ रवि (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो अवैध लिंग जांच रूप से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के माध्यम से गर्भस्थ शिशु का लिंग निर्धारण कर रहा था। यह कृत्य कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा देने वाला गंभीर अपराध माना जाता है।
छापेमारी में बरामद सामान
जांच के दौरान आरोपी के पास से निम्न वस्तुएं बरामद की गईं:
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पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन
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अल्ट्रासाउंड प्रोब
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जैली ट्यूब
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₹8,000 नकद (अवैध कमाई)
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एक मोबाइल फोन (जिसमें गर्भवती महिलाओं के विवरण मिले)
PC-PNDT एक्ट के तहत मुकदमा
थाना प्रभारी लोनी निरीक्षक संजय कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ PC-PNDT एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की धारा 420, 468 और 471 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह कई महीनों से यह अवैध कार्य कर रहा था।
स्वास्थ्य विभाग का बयान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि आरोपी किसी भी मान्यता प्राप्त चिकित्सक या रेडियोलॉजिस्ट से संबद्ध नहीं था और पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से यह कार्य कर रहा था।
लिंग जांच के खिलाफ जांच प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संयुक्त रूप से कहा कि कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा देने वाले इस जघन्य अपराध के खिलाफ जिले में लगातार छापेमारी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को भी ऐसी अवैध गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बल
यह कार्रवाई जिले में लिंगानुपात सुधारने और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लिंग जांच में लिप्त कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा।











