गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित कोडिनयुक्त कफ सिरप तस्करी गिरोह की करीब ₹12 करोड़ 55 लाख की चल-अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच और नंदग्राम थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी विभोर राणा और विशाल सिंह हैं, जो सहारनपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज कई संपत्तियों को भी जांच के दायरे में लिया है।
जांच में सामने आया करोड़ों का अंतर
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर मिला।
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पिछले 5 वर्षों में कुल वैध आय: ₹9,08,86,082
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परिवार के नाम पर मिली कुल संपत्ति: ₹22,67,34,087
पुलिस का कहना है कि करीब ₹13 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की गई है। जांच में सामने आया कि यह पैसा कोडिन आधारित कफ सिरप (जैसे फेंसेडिल) की तस्करी और कालाबाजारी से कमाया गया और बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए संपत्ति में निवेश किया गया।
नवंबर 2025 में हुआ था गिरोह का भंडाफोड़
यह मामला नवंबर 2025 में सामने आया था जब गाजियाबाद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार ट्रकों की जांच की, जिनमें भारी मात्रा में कोडिनयुक्त कफ सिरप छिपाकर रखा गया था।
बरामदगी में शामिल था:
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1,150 बॉक्स कफ सिरप
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15,73,500 शीशियां कोडिनयुक्त कफ सिरप
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें विभोर राणा और विशाल सिंह मुख्य आरोपी बताए गए।
अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था।
पुलिस के मुताबिक:
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गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था
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कफ सिरप की तस्करी अंतरराज्यीय स्तर पर की जा रही थी
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कुछ मामलों में पड़ोसी देशों तक सप्लाई की आशंका भी जताई जा रही है
पुलिस का बयान
गाजियाबाद के डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि यह कार्रवाई NDPS Act के तहत की गई है।
उनके अनुसार:
आरोपी अवैध तस्करी से कमाए गए पैसों को संपत्तियों में निवेश कर वैध दिखाने की कोशिश कर रहे थे। इन संपत्तियों को फ्रीज करने से गिरोह की आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
पुलिस ने कहा कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है।
नशा तस्करी के खिलाफ अभियान जारी
उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ राज्य में कोडिन कफ सिरप के दुरुपयोग और नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं।
पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे नशा तस्करी गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









