ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) ने भारत से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक ऑनलाइन फार्मेसी वेबसाइट डोमेन जब्त किए हैं। एजेंसी के अनुसार, ये साइटें अवैध रूप से दवाएं बेच रही थीं और उनसे कम से कम छह मौतें तथा चार गैर-घातक ओवरडोज के मामले जुड़े हैं।
भारत-आधारित ट्रांसनेशनल नेटवर्क का आरोप
DEA के बयान में कहा गया कि यह नेटवर्क एक भारत-आधारित ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन (TCO) से संचालित था, जो 2022 से जांच के दायरे में था। जांच DEA रॉकी माउंटेन फील्ड डिवीजन द्वारा की जा रही थी और 27 जनवरी से अमेरिका भर में समन्वित अभियान चलाए गए।
गिरफ्तारियां और प्रशासनिक आदेश
कार्रवाई के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा,
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पांच Immediate Suspension Orders (ISO)
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एक Order to Show Cause (OTSC)
जारी किए गए, जो DEA रजिस्ट्रेंट्स के खिलाफ सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को रोकने के लिए प्रशासनिक कदम हैं।
नकली और बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली खतरनाक दवाएं
DEA के अनुसार, ये वेबसाइटें खुद को वैध और FDA-approved बताकर अमेरिकी ग्राहकों को गुमराह करती थीं, जबकि वास्तव में ये भारत से संचालित हो रही थीं।
इन साइटों के जरिए फेंटेनिल और मेथामफेटामाइन जैसी खतरनाक दवाओं से बनी नकली गोलियां बेची जा रही थीं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और मौत का खतरा बढ़ा।
लाखों ऑर्डर, हजारों चेतावनियां
जांच में सामने आया कि नेटवर्क ने लाखों ऑर्डर पूरे किए, जिनमें डायवर्टेड फार्मास्यूटिकल्स और काउंटरफिट पिल्स शामिल थीं।
DEA ने इन साइटों से दवाएं खरीदने वाले ग्राहकों को 20,000 से अधिक चेतावनी पत्र भेजे हैं।
अमेरिकी अभियोजन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
यह कार्रवाई यूएस अटॉर्नी ऑफिस फॉर द ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यू यॉर्क के सहयोग से की गई।
DEA ने बताया कि इस मामले में भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया गया है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इंकार नहीं किया गया।
ऑनलाइन ड्रग सेल्स के बढ़ते खतरे पर चेतावनी
अधिकारियों ने कहा कि अवैध ऑनलाइन फार्मेसी अमेरिकी समुदायों में “जहर फैला रही हैं” और उपभोक्ताओं की सुरक्षा की परवाह नहीं करतीं।
DEA ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस और बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली ऑनलाइन फार्मेसी से दवाएं खरीदना जानलेवा हो सकता है।







