गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोरों की सामूहिक मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम पचायरा में सोमवार सुबह आधा दर्जन से अधिक मोरों के शव अलग-अलग जगहों पर पड़े मिले।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ मोर झाड़ियों में तो कुछ खुले खेतों में मृत अवस्था में पाए गए।
कहां मिलीं लाशें
यह घटना लोनी इलाके के पचायरा गांव की है, जो लोनी क्षेत्र में आता है।
ग्रामीणों के अनुसार:
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मोर खेतों और आसपास के इलाकों में पड़े मिले
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कई शव अलग-अलग स्थानों पर थे
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सुबह ग्रामीणों ने सबसे पहले घटना देखी
मौत के कारण पर सस्पेंस
अभी तक मौत के सटीक कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन प्राथमिक जांच में ये आशंकाएं सामने आई हैं:
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जहरीले दानों का सेवन
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फसलों पर कीटनाशकों का अधिक छिड़काव
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जानबूझकर जहर दिए जाने की संभावना
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में कीटनाशकों का अत्यधिक इस्तेमाल पक्षियों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने:
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शवों का निरीक्षण किया
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पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की
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नमूने जांच के लिए लैब भेजे
अधिकारियों के अनुसार, जांच में जहर, बीमारी और पर्यावरणीय कारणों की पड़ताल की जाएगी।
ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
उन्होंने मांग की:
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घटना की निष्पक्ष जांच
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दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
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वन्यजीव सुरक्षा के उपाय
राष्ट्रीय पक्षी होने के कारण लोगों में विशेष संवेदनशीलता देखी गई।
पर्यावरण विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कीटनाशकों का अनियंत्रित उपयोग:
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पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बन रहा है
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पर्यावरण संतुलन को प्रभावित करता है
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वन्यजीवों की संख्या घटा सकता है
प्रशासन की कार्रवाई
वन विभाग ने क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाने और कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग पर जोर देने की बात कही है।
पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि यदि मानवीय लापरवाही या जहर देने की पुष्टि होती है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
गाजियाबाद में मोरों की सामूहिक मौत की घटना ने वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।







