सुनीता दयाल ने गाजियाबाद के जिला न्यायालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य न्यायाधीश श्री विनोद कुमार रावत, एडीजे प्रथम अनिल कुमार, एडीजे नीरज गौतम और एसीजेएम मानस वत्स सहित अन्य न्यायाधीशों के साथ पूरे परिसर का दौरा किया।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कोर्ट परिसर में मौजूद कमियों की पहचान कर वहां बेहतर सुविधाएं और सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण के दौरान उठाए गए प्रमुख मुद्दे
महापौर ने मौके पर कई जरूरी सुधारों पर ध्यान दिया और अधिकारियों को निर्देश दिए:
बुनियादी सुविधाएं
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आगंतुकों और वकीलों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था
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नए बेंच लगाने के निर्देश
सफाई और हरियाली
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पार्क क्षेत्र की सफाई सुधारने का निर्देश
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ग्रीनरी बढ़ाने की योजना
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पर्याप्त डस्टबिन लगाने की व्यवस्था
लाइटिंग व्यवस्था
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रात्रि में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
सड़क सुधार
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परिसर की सड़कों को दुरुस्त और सुगम बनाने पर जोर
महापौर का बयान
महापौर सुनीता दयाल ने कहा:
“जिला न्यायालय परिसर शहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां रोज हजारों लोग आते हैं। यहां साफ-सुथरा, सुंदर और सुविधाजनक वातावरण होना जरूरी है। जल्द ही योजना बनाकर सौंदर्यीकरण कार्य शुरू किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि न्यायाधीशों की पहल और सहयोग से परिसर को आधुनिक और व्यवस्थित बनाया जाएगा।
शहर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम
इस निरीक्षण को गाजियाबाद में सार्वजनिक स्थलों के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
संभावित फायदे
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न्यायालय आने वालों को बेहतर सुविधाएं
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स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण
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शहर की छवि में सुधार
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न्यायिक प्रक्रिया में सुगमता
आगे की योजना
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
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जल्द कार्ययोजना तैयार की जाए
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फंडिंग सुनिश्चित की जाए
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समयबद्ध तरीके से विकास कार्य शुरू हों
यह पहल “स्वच्छ और सुंदर गाजियाबाद” अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
निष्कर्ष
जिला न्यायालय परिसर का यह निरीक्षण नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय वकीलों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही कोर्ट परिसर आधुनिक और आकर्षक रूप में नजर आएगा।







