भारत में मेट्रो रेल का इतिहास 1984 से शुरू होता है, जब कोलकाता मेट्रो ने देश की पहली अंडरग्राउंड रेल सेवा शुरू की थी। उस समय यह परियोजना शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई।
चार दशक बाद आज मेट्रो नेटवर्क तेजी से फैल चुका है, और अब मेरठ देश का 25वां शहर बन गया है जहां मेट्रो सेवा शुरू हो रही है।
मेरठ मेट्रो का उद्घाटन और खास बातें
22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS (नमो भारत) कॉरिडोर के साथ एकीकृत है, जो देश में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है।
मेरठ मेट्रो:
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मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21–23 किमी लंबा कॉरिडोर
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कुल 12–13 स्टेशन
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पूरा सफर लगभग 30 मिनट में पूरा
इससे शहर के अंदर यात्रा तेज, आसान और किफायती हो जाएगी।
देश की सबसे तेज मेट्रो में शामिल
मेरठ मेट्रो की सबसे बड़ी खासियत इसकी गति है।
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अधिकतम परिचालन गति: 120 किमी/घंटा
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डिजाइन स्पीड: 135 किमी/घंटा
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3 कोच वाली मेट्रो ट्रेनें
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RRTS नमो भारत ट्रेनें 6 कोच वाली
दोनों ट्रेनें एक ही ट्रैक पर चलेंगी, जिससे यात्रियों को आसानी से इंटरचेंज सुविधा मिलेगी।
ट्रैफिक और प्रदूषण से राहत
मेरठ की दिल्ली रोड पर भारी ट्रैफिक लंबे समय से बड़ी समस्या रही है। मेट्रो सेवा शुरू होने से:
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सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा
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प्रदूषण घटेगा
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यात्रा समय कम होगा
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लोगों को सुरक्षित और तेज परिवहन विकल्प मिलेगा
RRTS के जरिए दिल्ली से मेरठ तक का सफर अब सिर्फ 55 मिनट में पूरा होगा।
भारत में मेट्रो का विकास – एक नजर
भारत में मेट्रो नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है:
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1984: कोलकाता (पहली मेट्रो)
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2014: मुंबई
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2015: जयपुर, चेन्नई
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2017: लखनऊ, हैदराबाद, कोच्चि
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2019: नागपुर, अहमदाबाद
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2021: कानपुर
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2022: पुणे
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2024: आगरा
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2025: इंदौर, पटना, भोपाल
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2026: मेरठ (25वां शहर)
NCRTC की भूमिका और भविष्य की योजनाएं
मेरठ मेट्रो परियोजना का संचालन National Capital Region Transport Corporation द्वारा किया जा रहा है। भविष्य में इस नेटवर्क के और विस्तार की योजना है, जिससे पूरे NCR क्षेत्र में तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
निष्कर्ष: शहरी विकास की नई रफ्तार
मेरठ मेट्रो सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह भारत की तेजी से बढ़ती शहरी गतिशीलता और विकास का प्रतीक है। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी नई गति मिलेगी।
22 फरवरी 2026 से मेरठवासियों के लिए आधुनिक परिवहन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।







