Northern India Textile Research Association (निटरा), Ghaziabad में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसका विषय “सुरक्षात्मक वस्त्रों में नवाचार (Innovations in Protective Textiles)” रहा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने किया।
कार्यक्रम में देशभर से आए उद्योगपति, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, अधिकारी और पत्रकारों ने भाग लिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
सम्मेलन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसमें Giriraj Singh के साथ Roop Rashi (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, KVIC), Manisha Chatterjee, Vidit Jain, Sandeep Hora और Dr M S Parmar मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ करते हुए नवाचार और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम
अपने संबोधन में Dr M S Parmar ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन सुरक्षात्मक वस्त्रों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने बताया कि निटरा लगातार नए शोध और तकनीकों के माध्यम से देश के औद्योगिक विकास में योगदान दे रहा है।
मिल्कवीड फाइबर पर मंत्री का विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान Giriraj Singh ने निटरा परिसर में ऑक/अकौआ/मिल्कवीड (Milkweed) की खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने इस नवाचार को करीब से समझा और वैज्ञानिकों से इसके विभिन्न उपयोगों की जानकारी ली।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल Narendra Modi के “स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
डॉ. परमार के नवाचार की सराहना
मंत्री ने Dr M S Parmar की सराहना करते हुए उन्हें मिल्कवीड फाइबर का सूत्रधार बताया। उन्होंने कहा कि यह पौधा भारतीय संस्कृति का प्रतीक है और इसके हर हिस्से—फल, तना आदि—का उपयोग कर वैज्ञानिक तरीकों से कई उत्पाद विकसित किए गए हैं।
इन नवाचारों को स्वयं Narendra Modi द्वारा भी सराहा गया है।
पुस्तक और डॉक्यूमेंट्री का विमोचन
सम्मेलन के दौरान Giriraj Singh ने मिल्कवीड फाइबर पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया। साथ ही CLOCell™ नामक एक वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) भी लॉन्च की गई।
इसे नई पीढ़ी और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारीपूर्ण दस्तावेज बताया गया, जो उन्हें इस नवाचार से जुड़ने और लाभ उठाने के लिए प्रेरित करेगा।
निटरा की उपलब्धियों पर डाला प्रकाश
वहीं, Vidit Jain ने अपने स्वागत भाषण में निटरा की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और Dr M S Parmar की शोध क्षमता की सराहना की।
उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से आग्रह किया कि वे निटरा को अपना मार्गदर्शन देते रहें, ताकि संस्था देश की प्रगति में अपना योगदान निरंतर देती रहे।
उद्योग और कृषि के बीच मजबूत सेतु
यह सम्मेलन न केवल सुरक्षात्मक वस्त्रों के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने का मंच बना, बल्कि कृषि और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु भी साबित हुआ।
मिल्कवीड जैसे वैकल्पिक फाइबर के माध्यम से आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल भविष्य में बड़े बदलाव का संकेत देती है।
भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को नई दिशा
कुल मिलाकर, निटरा में आयोजित यह राष्ट्रीय सम्मेलन विज्ञान, उद्योग और कृषि के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा, जिसने भारत को टेक्सटाइल और नवाचार के क्षेत्र में नई दिशा देने का काम किया।








