नीती घाटी के टिम्मरसैंण महादेव मंदिर में हर साल सर्दियों में प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनता है। इस बार भी गुफा के ऊपर से टपकने वाला पानी जमकर सुंदर शिवलिंग का आकार ले चुका है।
यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।
क्यों कहा जाता है ‘मिनी अमरनाथ’
टिम्मरसैंण महादेव को ‘छोटा अमरनाथ’ या ‘मिनी अमरनाथ’ कहा जाता है, क्योंकि यहां बनने वाला बर्फ शिवलिंग अमरनाथ गुफा में बनने वाले प्राकृतिक शिवलिंग जैसा दिखाई देता है।
स्थानीय लोग इसे ‘बाबा बर्फानी’ की कृपा मानते हैं।
12 हजार फीट ऊंचाई पर स्थित है मंदिर
यह मंदिर समुद्र तल से करीब 12,000 फीट की ऊंचाई पर भारत-चीन सीमा के पास स्थित है।
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सर्दियों में भारी बर्फबारी
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कठिन और चुनौतीपूर्ण यात्रा
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विशेष अनुमति की आवश्यकता
इन कारणों से यह स्थान रोमांच और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम माना जाता है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आकर्षण
हर साल दिसंबर से मार्च के बीच हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
लोगों का कहना है कि बर्फ के शिवलिंग के दर्शन से मन को शांति मिलती है और यह प्रकृति की दिव्यता का प्रतीक है।
पर्यटन के लिए बन रहा नया आकर्षण
पर्यटन विभाग के अनुसार, टिम्मरसैंण महादेव उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत उदाहरण माना जाता है।








