मोहम्मद यूनुस ने 16 फरवरी 2026 को राष्ट्र के नाम विदाई भाषण देते हुए अंतरिम प्रमुख सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया।
यह घोषणा ऐसे समय हुई जब तारिक रहमान के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने की तैयारी चल रही है।
यूनुस ने अपने 18 महीने के कार्यकाल को निडर युग बताया और कहा कि इस दौरान देश ने अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों को मजबूत किया।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी हब बनाने पर जोर
अपने भाषण में यूनुस ने बांग्लादेश को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना पर जोर दिया।
उन्होंने नेपाल, भूटान और सेवन सिस्टर्स के साथ आर्थिक एकीकरण की बात कही।
उनका कहना था कि समुद्री पहुंच और व्यापारिक समझौतों के जरिए यह क्षेत्र वैश्विक विनिर्माण और व्यापार का बड़ा केंद्र बन सकता है।
भारत के लिए अप्रत्यक्ष संदेश माना जा रहा बयान
विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस ने भारत का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन पूर्वोत्तर क्षेत्र का उल्लेख अप्रत्यक्ष कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-बांग्लादेश संबंधों में कनेक्टिविटी और चीन के प्रभाव को लेकर चर्चा बनी हुई है।
कार्यकाल की उपलब्धियों का किया उल्लेख
यूनुस ने कहा कि 2024 के छात्र आंदोलन के बाद देश में लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों को पुनः स्थापित किया गया।
उन्होंने युवाओं को श्रेय देते हुए कहा कि उन्होंने देश को संकट से बाहर निकाला।
राजनीतिक बदलाव का दौर
यूनुस अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद अंतरिम प्रमुख बने थे। हालिया चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को बहुमत मिलने के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है।
उनका इस्तीफा नई सरकार के गठन से ठीक पहले आया, जो बांग्लादेश की राजनीति में नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
विदेश नीति में बदलाव के संकेत
यूनुस के भाषण को बांग्लादेश की बदलती विदेश नीति का संकेत माना जा रहा है, जिसमें क्षेत्रीय व्यापार, समुद्री पहुंच और आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेवन सिस्टर्स के संदर्भ ने नई दिल्ली में कूटनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।







