चीन की सख्त एंटी-करप्शन मुहिम ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। हाइकोउ शहर के पूर्व मेयर के आवास पर छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों को इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार भंडार मिला है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक गुप्त बेसमेंट से:
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13.5 टन शुद्ध सोने की ईंटें और बार
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23 टन नकदी (कई अरब डॉलर मूल्य)
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दर्जनों लग्जरी कारें
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चीन और विदेशों में फैली प्रॉपर्टी (विला, होटल)
बरामद की गईं।
कुल जब्त संपत्ति का मूल्य अरबों डॉलर में आंका जा रहा है।
कौन है यह पूर्व मेयर?
मामला हाइकोउ के पूर्व मेयर झांग क्यू (Zhang Qi) से जुड़ा बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि उन्होंने 2009 से 2019 के बीच सरकारी ठेकों, जमीन सौदों और निर्माण परमिट के बदले भारी रिश्वत लेकर यह अकूत संपत्ति जमा की।
सोशल मीडिया पर वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सोने के ढेर और नकदी के पहाड़ देखकर लोग हैरान हैं। चीनी मीडिया ने इसे “भ्रष्टाचार का सोने का पहाड़” करार दिया है।
कोर्ट का सख्त फैसला
चीन की अदालत ने:
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भ्रष्टाचार
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रिश्वतखोरी
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सत्ता के दुरुपयोग
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सरकारी धन की हेराफेरी
के आरोपों में दोषी करार देते हुए पूर्व मेयर को मौत की सजा सुनाई है।
साथ ही:
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सारी संपत्ति जब्त
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राजनीतिक अधिकार आजीवन समाप्त
शी जिनपिंग की मुहिम का बड़ा उदाहरण
यह फैसला राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मशहूर
“टाइगर्स एंड फ्लाइज” एंटी-करप्शन कैंपेन का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें छोटे और बड़े सभी अधिकारियों पर समान कार्रवाई होती है।
क्यों है यह मामला ऐतिहासिक?
13.5 टन सोना:
आज की कीमत में हजारों करोड़ रुपये से अधिक।
23 टन नकदी:
इतनी रकम को गिनने नहीं बल्कि तौलने की जरूरत पड़ी।
लग्जरी एसेट्स:
देश-विदेश में संपत्ति और सुपरकार्स का जखीरा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला दुनिया के सबसे बड़े करप्शन केसों में से एक है और अन्य अधिकारियों के लिए सीधा संदेश है कि चीन में भ्रष्टाचार की कीमत मौत तक हो सकती है।









