शहर में गंदे और दूषित पानी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद गाजियाबाद नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के सख्त निर्देशों पर जलकल विभाग, जल निगम और वीए टैक वेबैग की संयुक्त टीमों ने घर-घर जाकर पेयजल की गुणवत्ता जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही शहर की 57 ओवरहेड टंकियों और 27 क्लियर वाटर रिजर्वॉयर (CWR) की व्यापक सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है।
नगर आयुक्त का सख्त संदेश – लापरवाही बर्दाश्त नहीं
नगर आयुक्त ने साफ कहा है कि पेयजल गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
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क्लोरीन की मात्रा की अनिवार्य जांच की जाए,
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लीकेज की शिकायत मिलते ही तुरंत मरम्मत हो,
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सीवर सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए,
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और अभियान को पूरे शहर में तेजी से फैलाया जाए।
ओटी टेस्ट से हो रही क्लोरीन जांच
पांचों जोनों में पेयजल में क्लोरीन की मात्रा को ऑर्थो टोलीडाइन (OT) टेस्ट से चेक किया जा रहा है।
मानक के अनुसार क्लोरीन 0.2 से 2 PPM के बीच होनी चाहिए। विशेष रूप से:
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मलिन बस्तियों,
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झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों,
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और घनी आबादी वाले इलाकों
में जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।
नलकूप, हैंडपंप और सप्लाई लाइनों की भी जांच
टीमें नलकूपों, हैंडपंपों और अन्य पेयजल आपूर्ति उपकरणों की भी जांच कर रही हैं। जहां कहीं भी गंदगी, लीकेज या संदूषण की आशंका मिली है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।

पहले सप्ताह में 520+ स्थानों पर जांच
अभियान के पहले सप्ताह में ही 520 से अधिक स्थानों पर पेयजल गुणवत्ता जांच पूरी कर ली गई है।
इनमें प्रमुख रूप से:
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सूर्य नगर, चंद्र नगर, कौशांबी, वैशाली,
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प्रहलाद गढ़ी, वसुंधरा, साहिबाबाद गांव, अर्थला,
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करेड़ा, नंदग्राम, सिहानी, घुकना, मोरटा,
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सेक्टर 23 संजय नगर, गोविंदपुरम, शास्त्रीनगर,
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विवेकानंद नगर, बजरिया, घंटाघर, तुरब नगर,
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सेक्टर 12 प्रताप विहार, सिद्धार्थ विहार, राहुल विहार,
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राजापुर और राजनगर
जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
घर-घर जाकर हो रही बातचीत, शिकायतें दर्ज
जलकल विभाग के अवर अभियंता, सफाई निरीक्षक और खाद्य निरीक्षक घर-घर जाकर नागरिकों से सीधे बातचीत कर रहे हैं।
वे:
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पानी की गुणवत्ता,
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आपूर्ति की नियमितता,
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और स्थानीय शिकायतों
की जानकारी लेकर मौके पर ही समाधान कर रहे हैं।
“स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है” – नगर आयुक्त
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा,
“पेयजल की गुणवत्ता शहरवासियों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी है। हम किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। सभी विभाग मिलकर काम करें और हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो।”
पिछले महीनों की शिकायतों के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह अभियान पिछले कुछ महीनों से बढ़ रही दूषित पानी और जलजनित बीमारियों की शिकायतों के बाद शुरू किया गया है।
स्थानीय निवासियों ने निगम की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब समस्या स्थायी रूप से सुलझेगी।
अगले कुछ हफ्तों तक चलेगा अभियान
अधिकारियों के अनुसार:
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सभी टंकियों और CWR की सफाई पूरी की जाएगी,
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इसके बाद नियमित मॉनिटरिंग लागू की जाएगी,
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ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा न आएं।
शहरवासियों से अपील
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि:
पानी से जुड़ी किसी भी समस्या या गंदे पानी की शिकायत तुरंत निगम हेल्पलाइन या अपने संबंधित जोन कार्यालय में दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई हो सके।










