फरवरी 2024 में वनभूलपुरा क्षेत्र में हुए हिंसक प्रदर्शन के अनुभव को ध्यान में रखते हुए नैनीताल जिला पुलिस ने इस बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद रेलवे की अतिक्रमित भूमि को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसएसपी नैनीताल प्रह्लाद नारायण मीणा के निर्देश पर इलाके को पूरी तरह सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था—मुख्य बिंदु
-
संवेदनशील क्षेत्रों, मुख्य बाजारों और चौराहों पर बड़ी संख्या में पुलिस जवान
-
पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियाँ तैनात
-
ड्रोन कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी
-
हर 500 मीटर पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT)
-
लगातार गश्त और इंटरसेक्शन चेकिंग
पुलिस अधीक्षक (नगर) जगदीश चंद्र जोशी ने कहा:
“किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे को फैलने नहीं दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी है। क्षेत्र की शांति हमारी प्राथमिकता है।”
इलाके में सामान्य गतिविधियां जारी
स्थानीय निवासियों के अनुसार पुलिस की सख्त लेकिन शांतिपूर्ण मौजूदगी से उन्हें सुरक्षा का एहसास हो रहा है।
-
दुकानें सामान्य रूप से खुली
-
स्कूल-कॉलेज नियमित
-
बाजारों में सामान्य गतिविधि
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल-112 पर दें।
पिछली घटना से मिली सीख
7 फरवरी 2024 को अतिक्रमण हटाने के दौरान इस क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें:
-
6 लोगों की मौत
-
सैकड़ों पुलिसकर्मी घायल हुए
उस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बार रेलवे और जिला प्रशासन की टीम चरणबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण
वनभूलपुरा क्षेत्र से किसी भी तरह के तनाव या गड़बड़ी की सूचना नहीं है। पुलिस की सतर्कता और व्यापक सुरक्षा प्रबंधों ने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सुरक्षा व्यवस्था आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी।











