Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

815879
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

नमो भारत कॉरिडोर मेंटेनेंस सीएमवी: एनसीआरटीसी ने हाई-स्पीड कैटेनरी व्हीकल शामिल किया, 82 किमी कॉरिडोर पर मेंटेनेंस और तेज़

BPC News National Desk
4 Min Read

एनसीआरटीसी ने नमो भारत ट्रेन सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, तेज़ और भरोसेमंद बनाने के लिए एक हाई-टेक कदम उठाया है। नमो भारत कॉरिडोर मेंटेनेंस सीएमवी को आधिकारिक रूप से फ्लीट में शामिल कर लिया गया है। यह हाई-स्पीड कैटेनरी मेंटेनेंस व्हीकल (CMV) 82 किमी लंबे दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ कॉरिडोर पर ओवरहेड पावर सिस्टम के निरीक्षण और मरम्मत को बेहद कुशल बनाएगा।

यह विशेष व्हीकल नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों के लिए निरंतर, सुरक्षित और स्थानीय स्तर पर विश्वसनीय रिजनल रेल अनुभव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नमो भारत कॉरिडोर मेंटेनेंस सीएमवी

देश में पहली बार—CMV का ETCS सिग्नलिंग सिस्टम से इंटीग्रेशन

नया सीएमवी तकनीकी रूप से बेहद उन्नत है।
इसमें शामिल हैं:

  • अधिकतम डिज़ाइन स्पीड: 120 किमी/घंटा

  • ऑपरेशनल स्पीड: 110 किमी/घंटा

  • ETCS लेवल 2 – हाइब्रिड लेवल 3 सिग्नलिंग के साथ इंटीग्रेशन (देश में पहली बार)

  • ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) मोड में संचालन

ETCS सिग्नलिंग का उपयोग दुनिया में पहली बार नमो भारत परियोजना में किया जा रहा है, जिससे यह CMV वैश्विक स्तर पर विशेष बन जाता है।

उत्तराखंड में निर्मित यह व्हीकल सड़क मार्ग से ट्रेलर पर लादकर गाजियाबाद के दुहाई डिपो में लाया गया, जहां इसे क्रेन से पटरी पर उतारा गया।

नमो भारत कॉरिडोर मेंटेनेंस सीएमवी

शहरी परिवहन में मेंटेनेंस का समय सीमित—CMV देगा तेज़ समाधान

शहरी परिवहन सेवाओं में:

  • सुबह 5:30 बजे से ट्रेनें शुरू

  • रात 11 बजे तक संचालन

इस लंबे ऑपरेशन समय के कारण मेंटेनेंस टीमों को बहुत कम समय मिलता है।

इसके अलावा, नमो भारत एक रीजनल रेल है, जहाँ:

  • कॉरिडोर लंबा (82 किमी)

  • स्टेशन 5–10 किमी की दूरी पर

इसलिए तेज़ी और सटीकता बेहद महत्वपूर्ण है।
CMV की हाई-स्पीड क्षमता मेंटेनेंस टीम को पूरे कॉरिडोर में किसी भी स्थान पर कम समय में पहुँचा सकती है।

नमो भारत कॉरिडोर मेंटेनेंस सीएमवी

ओवरहेड कैटेनरी सिस्टम (OHE) के लिए आधुनिक टूल—तेज़ और सुरक्षित मरम्मत

CMV दोनों प्रकार के OHE सिस्टमों की मरम्मत करता है:

  • Flexible OHE

  • Rigid OHE

प्रमुख विशेषताएँ:

  • लिफ्टिंग और स्विवलिंग प्लेटफॉर्म — ऊंचाई पर मरम्मत के लिए

  • बकेट क्रेन — कठिन स्थानों तक पहुंचने में मदद

  • पैंटोग्राफ सिस्टम — ओवरहेड तारों की स्थिति मापने के लिए

  • ऑनबोर्ड कैमरा विज़िबिलिटी — पैंटोग्राफ मूवमेंट, क्रेन ऑपरेशन और रिवर्स मूवमेंट का लाइव दृश्य

इससे न सिर्फ काम तेज़ होता है, बल्कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित भी रहती है।

सुरक्षा पहले—इंटरलॉक और सेफ्टी मैकेनिज़्म इंटीग्रेटेड

CMV में कई आधुनिक सुरक्षा उपाय शामिल हैं:

  • क्रेन ऑपरेशन इंटरलॉक

  • पैंटोग्राफ सेफ्टी चेक

  • रिवर्सिंग अलर्ट सिस्टम

  • हाई-स्पीड ऑपरेशन प्रोटोकॉल

ये फीचर्स ऑपरेटर, तकनीकी टीम और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

सीएमवी से क्या बदलेगा?—समयबद्ध, भरोसेमंद और निरंतर सेवा

यह हाई-स्पीड CMV मदद करेगा:

  • ओएचई समस्याओं की तुरंत पहचान

  • त्वरित मरम्मत

  • ट्रेन संचालन में रुकावट कम करने में

  • समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करने में

  • खासकर पीक आवर्स में भारी यात्री भार संभालने में

सीधे शब्दों में—यह वाहन नमो भारत कॉरिडोर की विश्वसनीयता और निरंतरता को नई ऊँचाई देगा।

एनसीआरटीसी का बड़ा कदम—रीजनल रेल में नए मानक स्थापित

नया मेंटेनेंस CMV दर्शाता है कि NCRTC:

  • विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी अपना रहा है

  • रखरखाव और परिचालन सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है

  • यात्रियों के लिए एक आधुनिक, तेज़ और भरोसेमंद यात्रा अनुभव सुनिश्चित कर रहा है

यह आगे भी नमो भारत कॉरिडोर को देश के सबसे उन्नत और सुरक्षित रीजनल रेल नेटवर्क में बदलने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *