लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने 2026-27 के बजट और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का बजट बढ़ा
राज्यमंत्री ने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का बजट बढ़ाकर 3402 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। वहीं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का बजट भी बढ़ाकर 2140 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
छात्रवृत्ति योजना में रिकॉर्ड उपलब्धि
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत अब सभी पात्र छात्रों को समय पर भुगतान किया जा रहा है। लगभग 20 लाख छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिल चुका है।
सरकार ने आय सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही कक्षा 9-10 की छात्रवृत्ति राशि 2250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है।
गरीब बेटियों की शादी के लिए अनुदान
गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आय सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये वार्षिक कर दी गई है, जिससे अधिक परिवारों को सहायता मिलेगी।
छात्रावास और कौशल विकास योजनाएं
प्रदेश के 102 पिछड़ा वर्ग छात्रावासों के रखरखाव के लिए पहली बार अलग से बजट निर्धारित किया गया है। युवाओं को डिजिटल कौशल से जोड़ने के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण योजनाओं को भी मजबूत किया गया है।
दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत
दिव्यांगजन पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। साथ ही सभी मंडलों में दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
दिव्यांग छात्राओं के लिए ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की गई है, जिससे उनकी गतिशीलता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
सामाजिक न्याय पर सरकार का फोकस
राज्यमंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार पारदर्शिता, समयबद्ध भुगतान और बजट वृद्धि के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ये कदम उत्तर प्रदेश को एक समावेशी और विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।







