उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेक्टर-94 Amity University स्थित एक गहरे गड्ढे में डूबने से एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।
एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, Amity University के चार छात्र—हिमांशु, व्यास, कृष और हर्षित—परीक्षा समाप्त होने के बाद खुशी के पल बिताने के लिए सेक्टर-94 के पास पहुंचे थे। सभी दोस्त परीक्षा अच्छी जाने के बाद हल्के-फुल्के माहौल में पिकनिक मना रहे थे।
लेकिन यह खुशी का माहौल कुछ ही देर में मातम में बदल गया, जब हर्षित गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।
खुले गड्ढे ने ली एक और जान
बताया जा रहा है कि यह गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा हुआ था और इसमें पानी भरा हुआ था, लेकिन इसके आसपास किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। यही लापरवाही इस दर्दनाक हादसे का कारण बनी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
गाजियाबाद निवासी था मृतक छात्र
हर्षित, जो Ghaziabad के इंदिरापुरम का निवासी था, अपने दोस्तों के साथ एक यादगार दिन बिताने आया था, लेकिन यह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित हुआ। उसके दोस्त व्यास और हिमांशु दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि कृष नोएडा का निवासी है।
सभी दोस्त इस हादसे से गहरे सदमे में हैं और अपने दोस्त को खोने का दर्द झेल रहे हैं।
पहले से ही मौजूद था खतरा, नहीं हुई कोई कार्रवाई
इस घटना से जुड़ी एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि 11 मार्च को हर्षित ने इसी गड्ढे के पास से एक फोटो खींचकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड की थी।
इससे यह स्पष्ट होता है कि यह स्थान पहले से ही लोगों की पहुंच में था और वहां खतरे की स्थिति लंबे समय से बनी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
गौरतलब है कि इससे पहले भी नोएडा में इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में युवराज नामक एक युवक की भी पानी में डूबने से मौत हो गई थी, जिसके बाद प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठे थे।
बावजूद इसके, स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और एक और परिवार को अपने बच्चे को खोने का दर्द सहना पड़ा।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, उठी कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि शहर में इस तरह के खतरनाक गड्ढे खुले पड़े हैं, लेकिन प्रशासन उनकी ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
लोगों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों को तुरंत सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है, या फिर ऐसी घटनाओं से सबक लेकर समय रहते कदम उठाएगा।
नोएडा जैसे आधुनिक शहर में इस तरह की लापरवाही कहीं न कहीं सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है।
अब जरूरी है सख्त कार्रवाई
अब जरूरत है कि नोएडा प्राधिकरण इस घटना को गंभीरता से ले और शहर में मौजूद सभी खतरनाक स्थलों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाए।
साथ ही, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।








