उत्तर प्रदेश बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के बीच गाजियाबाद की डासना जिला कारागार से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। इस वर्ष जेल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच जिलों के कैदियों के लिए विशेष परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहां कुल 63 कैदी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे।
जेल प्रशासन के अनुसार परीक्षा पूरी तरह जेल परिसर के अंदर आयोजित की जाएगी और किसी भी कैदी को बाहर नहीं ले जाया जाएगा।
इतने कैदी दे रहे परीक्षा
जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के अनुसार:
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20 कैदी हाईस्कूल परीक्षा में शामिल
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43 कैदी इंटरमीडिएट परीक्षा दे रहे
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कुछ रिहा हो चुके कैदी भी परीक्षा में शामिल होंगे
इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों का विवरण
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गाजियाबाद जेल: 15 कैदी
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गौतमबुद्धनगर: 14 कैदी
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मेरठ: 6 कैदी
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सहारनपुर: 3 कैदी
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मुजफ्फरनगर: 1 कैदी
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5 रिहा कैदी भी शामिल
हाईस्कूल परीक्षार्थियों का विवरण
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गाजियाबाद जेल: 4 कैदी
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गौतमबुद्धनगर: 6 कैदी
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मेरठ: 3 कैदी
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सहारनपुर: 5 कैदी
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मुजफ्फरनगर: 1 कैदी
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1 रिहा कैदी शामिल
पढ़ाई के लिए पूरी व्यवस्था
जेल प्रशासन ने सभी कैदियों को:
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पूरा सिलेबस
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किताबें और स्टडी मटेरियल
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लाइब्रेरी सुविधा
उपलब्ध कराई है।
बोर्ड शिक्षकों और इंडिया विजन फाउंडेशन की टीम ने भी तैयारी में सक्रिय सहयोग दिया।
शिक्षा से सुधार और नई शुरुआत
जेल प्रशासन का मानना है कि शिक्षा कैदियों के सुधार और पुनर्वास का सबसे प्रभावी माध्यम है। इससे उन्हें योग्यता के साथ समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलता है।
इस वर्ष उत्तर प्रदेश की विभिन्न जेलों से कुल 254 कैदी बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं, जो सुधारात्मक शिक्षा की दिशा में बड़ी पहल मानी जा रही है।
सलाखों के पीछे भी सपनों की उड़ान
डासना जेल की यह पहल साबित करती है कि सजा के साथ-साथ सुधार और शिक्षा का रास्ता भी खुला रहना चाहिए। यह उन कैदियों की प्रेरक कहानी है, जो अपनी गलतियों से सीखकर नई शुरुआत करने का संकल्प ले रहे हैं।






