उत्तराखंड के सीमांत जिला चमोली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) स्थित भारतीय सेना की 9वीं (I) माउंटेन ब्रिगेड के ब्रिगेडियर गौरव बत्रा से शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान जनपद की सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और सीमांत क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
आगजनी की घटनाओं को लेकर बनी संयुक्त रणनीति
हाल ही में आर्मी कैंप और मेहर गांव में हुई आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों ने अग्निसुरक्षा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।
आपदा प्रबंधन में इंट्रा-एजेंसी समन्वय पर जोर
आपदा प्रबंधन के संदर्भ में इंट्रा-एजेंसी समन्वय को और बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया।
किसी भी आपात स्थिति में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए विशेष तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया।
कम्युनिटी रेडियो से बढ़ेगी जनजागरूकता
मुलाकात की एक अहम उपलब्धि रही सेना द्वारा साझा की गई तकनीकी सुविधा।
ब्रिगेडियर गौरव बत्रा ने बताया कि कम्युनिटी रेडियो के माध्यम से पुलिस विभाग भी जनहित संदेश, आपदा अलर्ट, यातायात और सुरक्षा संबंधी सूचनाएं प्रसारित कर सकता है।
इससे सीमांत क्षेत्रों में जनजागरूकता को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
नंदा देवी राजजात यात्रा को लेकर विशेष तैयारी
आगामी विश्व प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा को ध्यान में रखते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष रणनीति तैयार की गई।
दुर्गम रास्तों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपातकालीन मदद के लिए सेना और पुलिस कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे।
नीती घाटी और वन्यजीवों की आवाजाही पर चर्चा
बैठक में जंगली जानवरों की आवाजाही से उत्पन्न खतरों और शीतकालीन यात्रा के दौरान नीती घाटी में जाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
अप्रिय घटनाओं को समय रहते रोकने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया।
अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर:
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प्रभारी निरीक्षक जोशीमठ देवेंद्र रावत
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वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद रावत
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अन्य पुलिस एवं सेना के अधिकारी
मौजूद रहे।
पुलिस-सेना सहयोग की नई मिसाल
यह बैठक सीमांत क्षेत्रों में पुलिस-सेना सहयोग की नई मिसाल पेश करती है।
चमोली जैसे संवेदनशील जिले में इस तरह का समन्वय न केवल सुरक्षा मजबूत करेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन और जनकल्याण कार्यों में भी तेजी लाएगा।










