गाजियाबाद नगर निगम की गोल मार्केट स्थित दुकानों के किराए को लेकर लंबे समय से चल रही समस्या पर अब समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की मौजूदगी में बनी समिति की बैठक में दुकानों के किराए की नई दरों पर सहमति बन गई।
नई किराया दरें क्या तय हुईं
समिति की चर्चा के बाद निम्न किराया दरों पर सहमति बनी:
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भूतल (ग्राउंड फ्लोर) दुकान: ₹4000 प्रति माह
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प्रथम तल की दुकान: ₹2000 प्रति माह
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खोखा/कियोस्क: ₹3000 प्रति माह
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हर 3 वर्ष में किराया वृद्धि: 12.5%
इसके अलावा, दुकानों के नाम परिवर्तन के लिए ₹3 लाख नगर निगम कोष में जमा कराने का प्रावधान भी तय किया गया।
क्यों जरूरी था यह फैसल
नगर निगम की कुल 1702 दुकानों में से 407 दुकानें गोल मार्केट में स्थित हैं।
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पहले किराया वृद्धि का प्रस्ताव काफी ज्यादा था
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व्यापारियों ने इसे अव्यावहारिक बताया
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कार्यकारिणी बैठक में प्रस्ताव पर पुनर्विचार का निर्णय लिया गया
इसी के बाद महापौर की अध्यक्षता में पार्षदों और अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाई गई।
समिति में कौन-कौन शामिल रहे
पार्षद सदस्य
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भगवान अग्रवाल
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मनोज त्यागी
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अजय शर्मा
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उदित मोहन
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संजय सिंह
अधिकारी सदस्य
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जंग बहादुर यादव (अपर नगर आयुक्त)
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अवनेंद्र कुमार (अपर नगर आयुक्त)
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पल्लवी सिंह (सहायक नगर आयुक्त)
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एन.के. चौधरी (मुख्य अभियंता)
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डॉ. अनुज सिंह (उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी)
बैठक में क्या रहा मुख्य फोकस
बैठक में व्यापारी प्रतिनिधि भी मौजूद रहे और लंबी चर्चा के बाद सहमति बनी।
नगर आयुक्त ने कहा:
👉 समिति ने व्यापारियों की समस्याओं को समझते हुए संतुलित निर्णय लिया है।
महापौर ने कहा:
👉 यह फैसला व्यापारियों के हित और निगम हित दोनों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
व्यापारियों ने जताया आभार
गोल मार्केट के व्यापारियों ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि:
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किराया दरें अब व्यावहारिक हैं
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लंबे समय से चल रही समस्या का समाधान हुआ
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व्यापार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
आगे क्या होगा
नगर आयुक्त के अनुसार:
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जल्द ही निर्णय की पत्रावली तैयार होगी
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अन्य बाजारों जैसे रामानुज दयाल मार्केट और कवि नगर की दुकानों के किराए पर भी समिति बैठक करेगी
निष्कर्ष
गोल मार्केट दुकानों के किराए को लेकर लिया गया यह निर्णय गाजियाबाद के व्यापारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। प्रशासन और व्यापारियों के बीच सहमति से निकला यह समाधान भविष्य में अन्य बाजारों के लिए भी मॉडल बन सकता है।






