भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को आज नया नेतृत्व मिल गया है। 45 वर्षीय नितिन नबीन ने पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। वे बीजेपी के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। पार्टी मुख्यालय में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं और मंच से कहा—
“अब नितिन नबीन मेरे बॉस हैं, मैं उनका कार्यकर्ता हूं।”
प्रधानमंत्री का यह बयान कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह और जोश का कारण बना और पार्टी में अनुशासन व संगठनात्मक एकता का प्रतीक माना जा रहा है।
बीजेपी मुख्यालय में भव्य पदभार ग्रहण समारोह
बीजेपी मुख्यालय में ‘संगठन पर्व’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में नितिन नबीन का निर्वाचन निर्विरोध हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने घोषणा की कि अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन का नामांकन एकमात्र था, इसलिए उन्हें सर्वसम्मति से चुना गया।
समारोह में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं के नारों के बीच नितिन नबीन मंच पर पहुंचे और हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
पीएम मोदी का संदेश: युवा ऊर्जा और अनुभव का संगम
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नितिन नबीन के पास मजबूत संगठनात्मक क्षमता और प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने कहा,
“दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान अब युवा हाथों में है। यह पार्टी के लिए नया अध्याय है, जहां अनुभव और युवा ऊर्जा मिलकर संगठन को और मजबूत बनाएंगे।”
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर
नितिन नबीन बिहार के पटना (बांकीपुर) से पांच बार विधायक रह चुके हैं। वे दिवंगत वरिष्ठ नेता नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र हैं। वर्ष 2006 में पिता के निधन के बाद हुए उपचुनाव में पहली बार विधायक बने और तब से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। वे बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री के रूप में भी अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित कर चुके हैं।
दिसंबर 2025 में उन्हें पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था, जिसे पूर्ण अध्यक्ष पद की तैयारी के रूप में देखा जा रहा था।
सबसे युवा अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड
45 वर्ष की उम्र में नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले अमित शाह 49 वर्ष की उम्र में इस पद पर पहुंचे थे। जनसंघ के दौर में अटल बिहारी वाजपेयी 44 वर्ष की उम्र में अध्यक्ष बने थे। नितिन नबीन बिहार से इस पद पर पहुंचने वाले पहले नेता हैं।
नई जिम्मेदारियां और भविष्य की चुनौतियां
नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अब कई बड़ी चुनौतियां हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में पार्टी का विस्तार, संगठनात्मक मजबूती और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी प्रमुख है। पार्टी नेतृत्व का फोकस युवा कार्यकर्ताओं को आगे लाने, डिजिटल रणनीति और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर रहेगा।
बीजेपी कार्यकर्ताओं में नए अध्यक्ष को लेकर उत्साह है और उम्मीद जताई जा रही है कि नितिन नबीन के नेतृत्व में पार्टी संगठनात्मक और राजनीतिक रूप से नई ऊंचाइयों को छुएगी। उनका अध्यक्ष बनना बीजेपी में युवा नेतृत्व की नई पीढ़ी के उदय का संकेत माना जा रहा है।








