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नोएडा सेक्टर 150 हादसा: इंजीनियर की मौत पर बड़ी कार्रवाई, लापरवाही के आरोप में बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार

BPC News National Desk
5 Min Read

नोएडा के सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने यह गिरफ्तारी निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में की है। आरोपी अभय कुमार, नॉलेज पार्क क्षेत्र में स्थित MZ Wishtown (एमजेड विश्टाउन) रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के मालिकों में से एक हैं।

यह मामला 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़ा है, जिसने नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ दर्दनाक हादसा

पुलिस के अनुसार, युवराज मेहता 17 जनवरी 2026 की रात गुरुग्राम से अपने घर लौट रहे थे। वह सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में रहते थे। घने कोहरे के कारण उनकी ग्रैंड विटारा कार अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे स्थित एक निर्माणाधीन प्लॉट में बने 20 फीट से अधिक गहरे, पानी से भरे बेसमेंट पिट में जा गिरी।

कार पलट गई और युवराज किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन गहरे पानी में फंस गए। उन्होंने तत्काल अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर मदद मांगी। पिता ने डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन आरोप है कि बचाव कार्य में गंभीर देरी हुई। युवराज ने कई बार फोन कर अपनी जान बचाने की गुहार लगाई, लेकिन समय पर मदद न मिलने के कारण वह पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई।

जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही

पुलिस जांच में सामने आया कि जिस निर्माणाधीन प्लॉट में हादसा हुआ, वहां—

  • कोई बैरिकेडिंग नहीं थी

  • रिफ्लेक्टिव साइनेज या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए थे

  • सड़क किनारे गहरे गड्ढे को खुला छोड़ा गया था

यह प्लॉट MZ Wishtown प्रोजेक्ट का हिस्सा था, जहां बेसमेंट निर्माण के लिए खुदाई की गई थी और उसमें पानी भरा हुआ था। सुरक्षा उपाय न होने के कारण यह स्थान जानलेवा साबित हुआ।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

युवराज के पिता की शिकायत पर नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने MZ Wishtown Planners Pvt. Ltd. और अन्य बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने 20 जनवरी 2026 को दिल्ली निवासी अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद से वह फरार चल रहे थे और खुफिया सूचना के आधार पर उन्हें पकड़ा गया।

आरोपित धाराएं:
अभय कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत—

  • धारा 105: गैर-इरादतन हत्या

  • धारा 106(1): लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना

  • धारा 125: जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य

मामले में दूसरे साझेदार मनीष कुमार अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया है, जिसे 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।

इसके अलावा—

  • नोएडा अथॉरिटी ने ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को बर्खास्त कर दिया

  • अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया

  • नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को भी पद से हटाया गया

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित प्लॉट वर्ष 2019-20 में लोटस ग्रीन्स से अभय कुमार और अन्य के नाम ट्रांसफर किया गया था।

जनता में आक्रोश, न्याय की मांग तेज

यह मामला सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश का कारण बना हुआ है। वायरल वीडियो और कॉल रिकॉर्ड्स में युवराज मेहता की मदद की गुहार और रेस्क्यू में हुई देरी ने लोगों को झकझोर दिया है। विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन नहीं किया गया, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। युवराज मेहता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

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