हाईकोर्ट के आदेश पर पत्नी सहित 14 लोगों पर देह व्यापार का मुकदमा दर्ज
इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े निर्देश के बाद कानपुर के कोहना थाना पुलिस ने दिल्ली में रहने वाले एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की पत्नी और उसके कथित गिरोह के 14 नामजद सदस्यों समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ संगठित देह व्यापार रैकेट चलाने का मुकदमा दर्ज किया है।
मामला मूल रूप से उन्नाव निवासी और वर्तमान में दिल्ली के पालम क्षेत्र में रहने वाले ट्रांसपोर्टर का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 से उसकी पत्नी से वैवाहिक विवाद चल रहा है और पत्नी ने अपने परिचितों के साथ मिलकर एक बड़ा देह व्यापार का नेटवर्क खड़ा कर लिया है। यह गिरोह विशेष वेबसाइट और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए युवतियों की तस्वीरें, वीडियो और मोबाइल नंबर अपलोड कर ग्राहकों से सौदा तय करता था।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को 17 पन्नों का विस्तृत डॉसियर सौंपा है, जिसमें वेबसाइट के स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, चैट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल हैं।
गिरोह के 14 नामजद सदस्य
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में पत्नी के अलावा निम्नलिखित लोग नामजद हैं:
दिल्ली के शास्त्री नगर का एक युवक
कानपुर के शंकरपुर थाना क्षेत्र की महिला और उसका पति
लक्ष्मीनगर (दिल्ली) की महिला और उसका पति
एक सेवानिवृत्त एसीपी की साली सहित कुल 14 आरोपी
मुकदमा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट की विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया है।
कोहना थाने के एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया
“हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जाँच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने यह मामला पहले दिल्ली और कानपुर दोनों जगह उठाया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः हाईकोर्ट में याचिका दायर करने पर कोर्ट ने पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
यह मामला एक बार फिर संगठित डिजिटल देह व्यापार के बढ़ते नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से वेबसाइट और वॉट्सऐप ग्रुप की पूरी डिटेल खंगाल रही है।










