नियंत्रण रेखा एलओसी (LoC) पर एक बार फिर पाकिस्तान की उकसावे वाली हरकत सामने आई है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में मंगलवार रात भारतीय और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच संक्षिप्त गोलीबारी हुई।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब भारतीय सेना के 6 राष्ट्रीय राइफल्स (6 RR) के जवान सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हाई-टेक सर्विलांस कैमरे स्थापित कर रहे थे।
सर्विलांस कैमरे लगाने का विरोध कर रहा पाकिस्तान
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिकों ने कैमरों की स्थापना में बाधा डालने के उद्देश्य से छोटे हथियारों से दो राउंड फायरिंग की। यह फायरिंग सीधे भारतीय जवानों को निशाना बनाकर नहीं की गई थी, बल्कि डराने और काम रोकने के इरादे से की गई थी।
भारतीय सेना ने इस पर तुरंत और संयमित प्रतिक्रिया दी। जवाब में भारतीय पक्ष की ओर से केवल एक लक्षित (calibrated) गोली चलाई गई, जिससे दुश्मन को स्पष्ट संदेश मिला कि किसी भी उकसावे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसी के हताहत होने की खबर नहीं
इस संक्षिप्त झड़प में दोनों पक्षों को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनी हुई है।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन आसपास के जंगलों में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) शुरू कर दिया है ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया जा सके।
क्या घुसपैठ की कोशिश थी?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तानी फायरिंग का उद्देश्य
👉 भारतीय निगरानी सिस्टम को बाधित करना
👉 या किसी संभावित घुसपैठ को कवर देना हो सकता है
खासतौर पर सर्दियों के मौसम में जब कई इलाकों में बर्फबारी के कारण मूवमेंट सीमित रहती है, ऐसे समय में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ जाती हैं।
LoC पर हाई-टेक निगरानी क्यों जरूरी?
भारतीय सेना LoC के साथ ब्लाइंड स्पॉट्स खत्म करने और
इन्फिल्ट्रेशन रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें शामिल हैं:
-
हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे
-
थर्मल इमेजिंग सिस्टम
-
मोशन सेंसर
-
ड्रोन सर्विलांस
केरन सेक्टर जैसे संवेदनशील इलाकों में ये सिस्टम 24×7 निगरानी में अहम भूमिका निभाते हैं।
गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
घटना ऐसे समय पर हुई है जब 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) से पहले पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही हाई अलर्ट पर है।
गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय दोनों स्तरों पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय कमांडरों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय सेना का स्पष्ट संदेश
भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि:
“सीमा पर किसी भी तरह की नापाक हरकत का तुरंत और प्रभावी जवाब दिया जाएगा।”
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि LoC पर शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है, लेकिन उसकी ओर से लगातार संघर्षविराम उल्लंघन किए जा रहे हैं।
भारतीय सेना का संयमित लेकिन सशक्त जवाब देश की सुरक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।








