पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस्लामाबाद जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता आयोजित करने की दिशा में काम कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बैठक के बाद लिया गया निर्णय
यह निर्णय सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया। बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके प्रभावों पर गहन चर्चा की गई।
वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभावों पर चिंता
इशाक डार ने कहा कि वर्तमान हालात केवल क्षेत्रीय शांति के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा संघर्ष का असर कई देशों की आर्थिक स्थिरता पर पड़ रहा है।
“युद्ध किसी के हित में नहीं”
विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि यह युद्ध किसी के हित में नहीं है और इससे केवल मृत्यु और विनाश ही होगा। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण समय में मुस्लिम देशों के बीच एकता और समन्वय को बेहद जरूरी बताया।
वार्ता प्रस्ताव को मिला समर्थन
इशाक डार ने बताया कि इस्लामाबाद में संभावित अमेरिका-ईरान वार्ता के प्रस्ताव से अन्य देशों के विदेश मंत्रियों को अवगत कराया गया, जिस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस पहल को सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये सहित कई देशों का समर्थन प्राप्त हुआ है।
शांति बहाली की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफल होती है, तो यह पश्चिम एशिया में शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे क्षेत्रीय तनाव कम होने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक स्थिरता को भी मजबूती मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी
अब पूरी दुनिया की नजरें इस प्रस्तावित वार्ता पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में कूटनीतिक संतुलन और शांति प्रक्रिया को नई दिशा दे सकती है।








