उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार को शीतकालीन टर्म की भव्य पासिंग आउट परेड (POP) का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर परेड का निरीक्षण किया और जेंटलमैन कैडेट्स की सलामी ली।

525 कैडेट्स को मिला कमीशन
इस अवसर पर कुल 525 ऑफिसर कैडेट्स ने कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया। इनमें से 491 कैडेट्स भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल हुए, जबकि 14 मित्र देशों के कैडेट्स अपने-अपने देशों की सेनाओं में कमीशंड हुए।

चेटवुड ड्रिल स्क्वायर पर अनुशासन का अद्भुत प्रदर्शन
परेड का आयोजन ऐतिहासिक चेटवुड ड्रिल स्क्वायर में किया गया, जहां कैडेट्स ने अनुशासन, पराक्रम और एकजुटता का शानदार प्रदर्शन किया।
‘अंतिम पग’ के दौरान जब कैडेट्स ने अकादमी की ओर मुड़कर विदाई ली, तो यह क्षण भावनाओं से भर गया और परिजनों की आंखें नम हो गईं।
उत्कृष्ट कैडेट्स को मिला सम्मान
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया और उन्हें कर्तव्य, साहस और राष्ट्रसेवा के मूल्यों पर सदैव अडिग रहने के लिए प्रेरित किया।

IMA की गौरवशाली परंपरा
भारतीय सैन्य अकादमी अब तक 66,000 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिनमें हजारों मित्र देशों के कैडेट्स भी शामिल हैं। IMA विश्व की प्रमुख सैन्य अकादमियों में से एक मानी जाती है।
नए नेतृत्व से सशक्त हुई भारतीय सेना
इस भव्य समारोह के साथ भारतीय सेना को नए जोश, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता से लैस युवा अधिकारी मिले हैं, जो आने वाले समय में देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
परेड में कैडेट्स के परिजन, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।










