गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक बार फिर ऑनलाइन मैट्रिमोनियल ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक पीएचडी स्कॉलर को शादी के बहाने 49 लाख रुपये से अधिक की रकम से धोखा दिया। पीड़ित का आरोप है कि ठगों ने फर्जी प्रोफाइल, नकली पहचान और fabricated परिस्थितियों का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया।
कैसे शुरू हुआ मामला
पीड़ित अभिषेक चौधरी (38 वर्ष), जो इंदिरापुरम में रहते हैं, ने जुलाई 2025 में शादी डॉट कॉम पर “रिचा शर्मा” नाम के प्रोफाइल से संपर्क किया। प्रोफाइल में खुद को अमेरिका में सेटल्ड एनआरआई बताया गया था। कुछ दिनों की चैटिंग के बाद बातचीत व्हाट्सएप पर होने लगी।
ठगी करने वालों ने धीरे-धीरे अभिषेक का विश्वास जीता और खुद को परिवार सहित अमेरिका में रहने वाला बताया।
ठगी के लिए बनाए गए बहाने
1. कस्टम ड्यूटी का बहाना
“रिचा” ने दावा किया कि वह भारत आते समय अपने लिए महंगे गिफ्ट्स और ज्वेलरी ला रही है, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने सामान रोक लिया है। clearance के लिए 4–5 लाख रुपये की आवश्यकता बताई गई। अभिषेक ने यह रकम भेज दी।
2. RBI एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग क्लीयरेंस
कुछ दिन बाद ठगों ने कहा कि भारी मात्रा में सामान होने के कारण RBI ने मामला उठा लिया है और फाइल बंद करने हेतु 15–20 लाख रुपये की जरूरत है। पीड़ित से कई खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए।
3. “पिता की तबीयत खराब”
इसके बाद “रिचा के पिता” बने व्यक्ति ने फोन कर हार्ट अटैक और इमरजेंसी ऑपरेशन का हवाला देते हुए 10 लाख रुपये मांगे। पीड़ित ने भावनात्मक रूप से झुककर यह राशि भी दे दी।
इसी तरह कई छोटे-बड़े भुगतान करवाकर कुल ठगी 49 लाख 28 हजार रुपये तक पहुँच गई। रकम बैंक खातों, UPI और कुछ क्रिप्टो वॉलेट्स में भेजी गई।
खुलासा कैसे हुआ
जब “रिचा” ने भारत आने की तारीख बार-बार टालनी शुरू की और लगातार नई मांगें रखीं, तो अभिषेक को संदेह हुआ। उन्होंने प्रोफाइल की तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, जिसमें पता चला कि सभी तस्वीरें एक विदेशी मॉडल की चोरी की गई थीं।
इसके बाद उन्होंने इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला साइबर सेल को स्थानांतरित कर दिया गया है।
जांच में क्या मिला
प्रारंभिक जांच में जिन बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ, उनमें से कई उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में पाए गए। कुछ खाते “मनी-म्यूल” यानी किराए पर लिए गए खातों के रूप में चिह्नित हुए हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
साइबर सेल की चेतावनी
गाजियाबाद साइबर सेल के एक अधिकारी ने कहा,
“ऑनलाइन मैट्रिमोनियल फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। लोग बिना सत्यापन के भावनाओं में आकर बड़ी रकम भेज देते हैं। शादी के नाम पर किसी को भी पैसे न भेजें और प्रोफाइल की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें।”
पीड़ित का संदेश
अभिषेक ने कहा,
“मैं शोध कार्य में व्यस्त रहता हूं, लेकिन अकेलेपन का फायदा उठाकर ठगों ने मुझे निशाना बनाया। मेरी सलाह है कि रिश्ते परिवार और विश्वसनीय माध्यमों से ही देखें। ऑनलाइन प्रोफाइल पर पूरा भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।”
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि प्यार और विवाह की आड़ में चल रही साइबर ठगी कितनी संगठित और खतरनाक हो चुकी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।











