हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के समर्थन में डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद महाराज गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने पिंकी चौधरी और उनके परिवार पर हो रही पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और नाराजगी जाहिर की।
मीडिया से बोले यति नरसिंहानंद
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यति नरसिंहानंद ने कहा,
“हमने अपना परिवार का त्याग किया है ताकि हमारे परिवार को परेशान न किया जाए। अगर कोई गलत काम हम करते हैं तो उसकी कार्रवाई हम पर होनी चाहिए, हमारे परिवार पर नहीं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पिंकी चौधरी की बेटियों को पुलिस परेशान कर रही है, इसी कारण वे पुलिस कमिश्नर से मिलने आए हैं।
पुलिस कमिश्नर ने दिया आश्वासन
यति नरसिंहानंद ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आगे से किसी को परेशान नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा,
“अगर गलती पिंकी चौधरी ने की है तो वह कानून के तहत उसका सामना करेंगे, लेकिन उसकी सजा उसके परिवार वालों को नहीं मिलनी चाहिए।”
तलवार वितरण वीडियो से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि 29 दिसंबर 2025 को गाजियाबाद के शालीमार गार्डन स्थित हिंदू रक्षा दल के कार्यालय में तलवारों और अन्य हथियारों के वितरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इस कार्यक्रम में आत्मरक्षा के नाम पर हथियार बांटे गए थे, जिसे बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों से जोड़कर उचित ठहराया गया था।
पुलिस ने दर्ज की FIR, 10 गिरफ्तार
वीडियो वायरल होने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने पिंकी चौधरी समेत 16 नामजद और 25-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी पिंकी चौधरी फिलहाल फरार हैं।
मौके से बरामद हुई कई तलवारें
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान घटनास्थल से कई तलवारें भी बरामद की हैं। मामले की जांच अभी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी समर्थन कर चुके हैं यति नरसिंहानंद
यह पहला मौका नहीं है जब यति नरसिंहानंद ने पिंकी चौधरी का समर्थन किया हो। इससे पहले भी उन्होंने हथियार वितरण को आत्मरक्षा के लिए जरूरी बताया था।
अब परिवार पर कार्रवाई के विरोध में उनकी यह मुलाकात राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
पुलिस का साफ संदेश
पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।










