2027 में प्रस्तावित अर्ध कुंभ मेले को लेकर उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन के व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का लगभग 460 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जाएगा।
मुरादाबाद मंडल की विनीता श्रीवास्तव (डिविजनल रेलवे मैनेजर) ने हाल ही में हरिद्वार रेलवे स्टेशन का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ अर्ध कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक भी की और सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे करने के निर्देश दिए।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत होगा पुनर्विकास
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा विकास कार्य अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना है।
डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने बताया कि अर्ध कुंभ 2027 के मद्देनजर रेलवे ने आधिकारिक रूप से तैयारी शुरू कर दी है, ताकि मेले के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर होने वाले प्रमुख सुधार
₹460 करोड़ की लागत से होने वाले पुनर्विकास कार्यों में शामिल हैं—
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आधुनिक और स्वच्छ वेटिंग रूम का निर्माण
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बेहतर और ऊर्जा दक्ष लाइटिंग व्यवस्था
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एस्केलेटर और लिफ्ट की स्थापना
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आधुनिक फूड प्लाजा और यात्री सुविधाएं
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स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार
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यार्ड रिमॉडलिंग और ट्रैक सुधार कार्य
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भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त प्रवेश और निकास द्वार
इन सुधारों से स्टेशन की क्षमता और यात्री अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
आसपास के स्टेशनों पर भी रहेगा विशेष फोकस
रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल हरिद्वार स्टेशन ही नहीं, बल्कि आसपास के स्टेशनों पर भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। विशेष रूप से—
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मोतीचूर रेलवे स्टेशन
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ज्वालापुर रेलवे स्टेशन
इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार से मुख्य हरिद्वार स्टेशन पर दबाव कम किया जाएगा और भीड़ का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
अर्ध कुंभ के दौरान चलेंगी विशेष ट्रेनें
अर्ध कुंभ 2027 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए रेलवे विशेष ट्रेनों के संचालन की भी योजना बना रहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए यार्ड रिमॉडलिंग, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म उपयोग और बेहतर सिग्नलिंग सिस्टम पर काम किया जाएगा।
डीआरएम ने किया विस्तृत निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने—
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स्टेशन लॉबी
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एआरटी (ऑटोमैटिक रिलीफ ट्रेन)
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स्टेशन परिसर और सर्कुलेटिंग एरिया
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हरकी पैड़ी की ओर जाने वाले ट्रैक
का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए पूरे किए जाएं।
अर्ध कुंभ 2027 का महत्व
2027 में हरिद्वार में होने वाला अर्ध कुंभ मेला देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। अनुमान है कि इस दौरान 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंच सकते हैं। ऐसे में रेलवे की यह तैयारी यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने कहा,
“श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अर्ध कुंभ से पहले सभी विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएंगे।”
रेलवे का यह कदम न केवल हरिद्वार बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे राज्य के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित किया जा सकेगा।








