चमोली में चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक स्तर पर मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी
इस मॉक ड्रिल में प्रशासन, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, सेना, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया। सभी विभागों ने मिलकर आपदा प्रबंधन की अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।
कई संवेदनशील स्थानों पर अभ्यास
अभ्यास के दौरान बद्रीनाथ मंदिर परिसर, बद्रीनाथ पुल, गोविंदघाट मार्ग, ज्योतिर्मठ और गौचर जैसे प्रमुख स्थानों पर अलग-अलग आपदा परिदृश्यों को शामिल किया गया।
जटिल आपदा स्थितियों का सिमुलेशन
मॉक ड्रिल में भूकंप, भगदड़, नदी में डूबना, हिमपात, भूस्खलन, अग्निकांड और सड़क दुर्घटना जैसी परिस्थितियों का सिमुलेशन किया गया। इन स्थितियों में रेस्क्यू टीमों ने त्वरित कार्रवाई कर अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।
रियल टाइम रेस्क्यू और राहत कार्य
अभ्यास के दौरान यह देखा गया कि सूचना मिलते ही टीमें कितनी तेजी से घटनास्थल पर पहुंचती हैं। घायलों को सुरक्षित निकालना, प्राथमिक उपचार देना और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण किया गया।
भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर फोकस
चारधाम यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए इस मॉक ड्रिल में भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया। अफरा-तफरी से बचाव और व्यवस्था बनाए रखने के उपायों का अभ्यास किया गया।
कंट्रोल रूम से निगरानी
पूरे अभ्यास की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की गई। गौरव कुमार और सुरजीत सिंह पंवार ने रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपदा में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है।
समन्वय और सुधार पर जोर
इस मॉक ड्रिल से विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत हुआ है। साथ ही सामने आई कमियों को दूर करने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
निष्कर्ष
चमोली में आयोजित यह मेगा मॉक ड्रिल प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बेहतर योजना, आधुनिक संसाधनों और प्रशिक्षित टीमों के जरिए चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सफल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।








