आगामी केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन के अनुसार केदारनाथ धाम की यात्रा 22 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
सड़क और राजमार्ग व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने 15 मार्च तक नालियों का निर्माण पूरा करने, झाड़ियों की कटाई, सड़क मरम्मत और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने के आदेश जारी किए।
शटल सेवा और परिवहन प्रबंधन
परिवहन विभाग को ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। रात्रिकालीन संचालन में ओवरचार्जिंग रोकने और रोड सेफ्टी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
पैदल मार्ग और पड़ाव सुविधाएं
गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग की स्थिति, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, विश्राम गृह और नेटवर्क कनेक्टिविटी पर विस्तृत चर्चा हुई।
मार्ग चौड़ीकरण, वैली ब्रिज और सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने के निर्देश जारी किए गए।
सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस बल, यातायात प्लान और यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
तकनीकी और डिजिटल प्रबंधन
जी-मैक्स के तहत रियल-टाइम वेदर रिपोर्ट, मॉनिटरिंग कैमरा और स्मार्ट कार्ड प्रणाली की समीक्षा की गई। घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालन को भी डिजिटल निगरानी से जोड़ा जाएगा।
घोड़ा-खच्चर संचालन के नए नियम
बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चरों के प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इस वर्ष सभी पशुओं का बीमा अनिवार्य किया गया है।
स्वास्थ्य और आपातकालीन व्यवस्थाएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गुप्तकाशी से केदारनाथ तक 15 अस्पताल संचालित किए जाएंगे। गंभीर मरीजों के लिए हेलीकॉप्टर एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।
दर्शन और सूचना प्रसारण व्यवस्था
श्रद्धालुओं की कतार को सुचारू रखने के लिए कई स्थानों पर स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर टोकन संख्या, मौसम अपडेट और मंदिर बंद होने का समय प्रदर्शित होगा।
स्वच्छता और आधारभूत सुविधाएं
कूड़ा संग्रहण वाहनों की संख्या बढ़ाने, पर्यावरण मित्रों की तैनाती और महिला शौचालयों में सेनेटरी डिस्पोजल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की प्रतिबद्धता
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।
यह बैठक प्रशासन की गंभीर तैयारी और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।







