गाजियाबाद। पानी की समस्या को लेकर जनता की बढ़ती नाराजगी के बीच महापौर सुनीता दयाल ने जल निगम अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि पानी की सप्लाई तुरंत बहाल नहीं हुई, तो प्रभावित क्षेत्र की महिलाएं जल निगम के खिलाफ धरने पर बैठने को मजबूर होंगी।
10 दिनों से पानी नहीं, महिलाओं ने दी धरने की चेतावनी
बुधवार को महापौर आवास पर वार्ड-7 के आदर्श नगर, बिहारीपुरा कॉलोनी और विजय नगर क्षेत्र से करीब 50 महिलाएं और कुछ पुरुष अपनी समस्या लेकर पहुंचे। लोगों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से इलाके में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है। एक मुख्य पाइप फटने के बाद भी उसकी मरम्मत नहीं की गई, जिससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सड़क निर्माण कार्य भी रुका हुआ है।
जल निगम की लापरवाही आई सामने
मामले की जांच में सामने आया कि यह क्षेत्र सीएचए पार्ट-2 फेज-2 के अंतर्गत आता है, जहां पानी की टंकी, ट्यूबवेल और पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल निगम द्वारा किया गया था और वर्तमान में पानी की सप्लाई भी जल निगम ही कर रहा है।

सहायक अभियंता से फोन पर सख्त बातचीत
महापौर ने जल निगम के सहायक अभियंता सौरभ कुमार से फोन पर सख्त लहजे में बात करते हुए पूछा कि 10 दिनों से पानी की सप्लाई क्यों बंद है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करती है और इसके बावजूद जनता परेशान रहे, यह बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। पानी की सप्लाई तत्काल बहाल की जाए, अन्यथा धरना-प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी जल निगम की होगी।
अधिकारियों की बैठक, तत्काल समाधान के निर्देश
इसके बाद महापौर ने नगर निगम गाजियाबाद के जीएम जल पी. आनंद, अधिशासी अभियंता जल आस कुमार, जल निगम के अवर अभियंता सुमित दिवाकर, मेहबूब खान और तकनीकी सुपरवाइजर नदीम को तलब किया। मौके पर ही बैठक कर निर्देश दिए गए कि जल निगम के साथ संयुक्त निरीक्षण कर तुरंत समस्या का समाधान कराया जाए।
नहीं सुधरे हालात तो होगी सख्त कार्रवाई
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि जल निगम की लापरवाही के कारण नगर निगम को बार-बार परेशानी उठानी पड़ती है। योजनाएं पूरी होने के बाद भी समय पर हस्तांतरण नहीं किया जाता, जिससे जनता को नुकसान होता है। अब स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महापौर की इस त्वरित पहल से क्षेत्रवासियों में राहत की उम्मीद जगी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जल निगम कितनी जल्दी पानी की सप्लाई बहाल करता है।










