हरिद्वार में यात्रा सीजन शुरू होते ही ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा तीर्थ यात्रियों से मनमाने किराए वसूलने की शिकायतें सामने आने लगी हैं। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।
समाजसेवी ने खुद किया निरीक्षण
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समाजसेवी कपिल शर्मा जौनसारी ने स्वयं स्थिति का जायजा लिया। वे ललतारा पुल से रेलवे स्टेशन तक ई-रिक्शा में सफर कर स्थिति की वास्तविकता जानने पहुंचे।
तय किराए से दोगुना वसूली का आरोप
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि चालक प्रति सवारी 20 रुपये वसूल रहे हैं, जबकि इस मार्ग का निर्धारित लोकल किराया लगभग 10 रुपये है। इस पर उन्होंने इसे यात्रियों के साथ सीधा अन्याय और आर्थिक शोषण बताया।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
कपिल शर्मा जौनसारी ने आरटीओ हरिद्वार से मांग की कि ऐसे चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि अवैध किराया वसूलने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किए जाएं, ताकि अन्य चालकों को भी कड़ा संदेश मिल सके।
किराया सूची सार्वजनिक करने की अपील
उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन विभाग को सभी प्रमुख मार्गों के लिए स्पष्ट किराया सूची जारी करनी चाहिए और उसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और विवाद की स्थिति से बचा जा सके।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
ज्ञात हो कि पहले भी किराए को लेकर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों तथा यात्रियों के बीच विवाद की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों से सोशल मीडिया पर नकारात्मक संदेश फैलते हैं, जिससे शहर की छवि प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है। अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।








