प्रताप विहार सेक्टर-12, डी ब्लॉक, वार्ड-4 में प्रताप विहार आरसीसी नाली विवाद तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। दो सप्ताह पहले बनाई गई इस आरसीसी नाली में अब गंभीर दरारें, छेद और निर्माण त्रुटियाँ सामने आ रही हैं, जिससे नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
नाली में दरारें और छेद, पानी दीवारों में पहुँचा रहा नुकसान
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नाली के निर्माण में सीमेंट और रोड़ी की मात्रा बेहद कम रखी गई।
नतीजा ये हुआ कि:
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कई जगहों पर नाली की दीवारें टूट रही हैं
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सतह पर दरारें उभर आई हैं
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हाथ लगाते ही कंक्रीट झड़ जाता है
इससे साबित होता है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई।
पानी छेदों से रिसकर घरों की दीवारों में सिलन तक पैदा कर रहा है।
गली की महिलाओं का विरोध — बारिश में नाली बैठने का डर
क्षेत्र की महिलाओं ने इस घटिया निर्माण के खिलाफ खुलकर विरोध जताया। उनका कहना है कि:
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नाली से पानी भरने की समस्या बढ़ गई है
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दुर्गंध फैल रही है
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बारिश आते ही पूरी नाली धंसने का खतरा है
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गंदा पानी घरों तक पहुँच सकता है
महिलाओं ने नगर निगम से तुरंत स्थायी समाधान की मांग की है।
अभियंता बोले — “जांच करेंगे”
जब निर्माण विभाग के अभियंता श्याम सिंह से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा:
“मामले की जांच करेंगे।”
हालांकि स्थानीय लोग इस बयान से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि पहले भी ऐसी शिकायतें अनसुनी की गई थीं।
निवासियों की मांग — तकनीकी जांच और पुनर्निर्माण
रहवासियों ने स्पष्ट कहा है कि:
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नाली की तकनीकी जाँच करवाई जाए
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गलत निर्माण हटाकर मानक के अनुसार नई नाली बनाई जाए
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जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो
लोगों का कहना है कि नगर निगम जब गुणवत्ता का दावा करता है, तो जमीनी स्तर पर इस तरह का निर्माण अस्वीकार्य है।
वार्ड-4 के निर्माण विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
पूरा मामला अब वार्ड-4 निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
निवासी नगर निगम की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।









