भारत का केंद्रीय निर्वाचन आयोग दुनिया भर के देशों के साथ अपने चुनावी प्रबंधन और लोकतांत्रिक अनुभव साझा करने जा रहा है। इसी उद्देश्य से ‘भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन 21 से 23 जनवरी 2026 तक दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित होगा, जिसमें करीब 100 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र साझा करेगा अनुभव
भारत, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते, अपने चुनावी अनुभव जैसे
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इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM),
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VVPAT प्रणाली,
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डिजिटल मतदाता सूची,
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और बड़े पैमाने पर मतदान प्रबंधन
को अन्य देशों के साथ साझा करेगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक समावेशी बनाना है।
इन अहम विषयों पर होगी चर्चा
सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
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चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता,
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मतदाता जागरूकता,
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साइबर सुरक्षा,
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तकनीकी नवाचार,
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और समावेशी चुनाव प्रक्रिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन विषयों पर चर्चा से कई देशों को अपनी चुनाव प्रणाली सुधारने में मदद मिलेगी।
तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग की अहम बैठक
सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) शामिल हुए।
बैठक में इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई:
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लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा व्यवस्था,
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विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत,
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सत्रों का संचालन,
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और तकनीकी प्रदर्शनियों की व्यवस्था।
सभी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से सौंप दी गई हैं ताकि आयोजन सफल और सुचारु रहे।
100 देशों के चुनाव प्रबंधक होंगे शामिल
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, इस सम्मेलन में करीब 100 देशों के चुनाव प्रबंधक, विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक और लोकतांत्रिक अवसर माना जा रहा है।
वैश्विक लोकतंत्र नेतृत्व को मिलेगी मजबूती
यह सम्मेलन भारत की वैश्विक लोकतंत्र नेतृत्व की भूमिका को और मजबूत करेगा। इससे न केवल भारत की चुनावी प्रणाली की विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी, बल्कि अन्य देशों की बेहतर चुनावी प्रथाओं को सीखने का अवसर भी मिलेगा।
भारत बनेगा चुनावी प्रबंधन का मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन के सफल आयोजन से भारत की चुनावी प्रक्रिया को विश्व स्तर पर एक मॉडल के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।







