गाजियाबाद में एक ही छत के नीचे भारत की वैज्ञानिक शक्ति और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का अद्भुत संगम
गाजियाबाद-मेरठ रोड स्थित HRIT यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ “राइज़ इन इंडिया” मेगा इवेंट आज आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहां ISRO-DRDO जैसे राष्ट्रीय संस्थानों की अत्याधुनिक तकनीक और गांव की मेहनतकश महिलाओं की पारंपरिक हथकरघा कला एक साथ नजर आई, जिसने आत्मनिर्भर भारत की सजीव तस्वीर पेश की।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और यूनिवर्सिटी के चांसलर व पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल अग्रवाल ने फीता काटकर किया।

एक कैंपस, पूरा भारत – अद्भुत नज़ारा
इस आयोजन में ऐसा दृश्य देखने को मिला जैसे पूरा भारत एक ही परिसर में समा गया हो।
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बाहर ISRO का चंद्रयान-3 मॉडल
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अंदर DRDO की अग्नि-5 मिसाइल का मिनिएचर
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एक कोने में ड्रोन की लाइव उड़ान
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दूसरे कोने में हथकरघा पर बनारसी साड़ी बुनती महिलाएं
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मिट्टी के दीये बनाते कारीगर
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वैक्सीन कोल्ड-चेन और नई शिक्षा सामग्री का प्रदर्शन
हर स्टॉल “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” की सशक्त झलक प्रस्तुत कर रहा था।

डॉ. अनिल अग्रवाल का जोशीला संबोधन
डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा:
“ये सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, ये हिंदुस्तान का रिपोर्ट कार्ड है। पिछले 10 सालों में सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने के साथ-साथ यह युवाओं को नवाचार के लिए प्रेरित करने वाला मंच है।”
उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस विजन को आगे लेकर जाएं और भारत के विकास में भागीदार बनें।
प्रदर्शनी में प्रमुख आकर्षण
विज्ञान और रक्षा
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ISRO का चंद्रयान-3 मॉडल
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DRDO की अग्नि-5 मिसाइल
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RRTS (दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल) का मॉडल
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ड्रोन टेक्नोलॉजी डेमो
ग्रामीण भारत की झलक
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लाइव हथकरघा प्रदर्शन
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मिट्टी के दीयों का निर्माण
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स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी
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पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी
शिक्षा और स्वास्थ्य
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ICMR की वैक्सीन कोल्ड-चेन प्रणाली
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NCERT की नवीन पाठ्यपुस्तकें
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डिजिटल लर्निंग स्टॉल
युवाओं में दिखा खास उत्साह
छात्रों में इस आयोजन को लेकर विशेष जुनून नजर आया। वे आधुनिक टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप मॉडल से प्रेरित होते दिखे। आयोजकों के अनुसार यह मेगा इवेंट आने वाले कई दिनों तक चलेगा।










