काठमांडू/नई दिल्ली, 10 मार्च 2026। Rastriya Swatantra Party (RSP) ने नेपाल के हालिया संसदीय चुनावों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पार्टी प्रतिनिधि सभा की अधिकांश सीटों पर बढ़त बनाते हुए दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गई है। चुनाव परिणामों से संकेत मिल रहे हैं कि नेपाल में अगली सरकार RSP के नेतृत्व में बन सकती है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और Balen Shah को प्रधानमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
पारंपरिक दलों को मिली कड़ी चुनौती
RSP की स्थापना वर्ष 2022 में Rabi Lamichhane ने की थी। इस चुनाव में पार्टी ने पारंपरिक राजनीतिक दलों जैसे Nepali Congress, CPN-UML और Communist Party of Nepal (Maoist Centre) को कड़ी टक्कर दी।
विशेष रूप से युवा मतदाताओं और बदलाव की चाह रखने वाले नागरिकों का बड़ा समर्थन RSP को मिला। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी ने प्रत्यक्ष निर्वाचन क्षेत्रों में 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाई है और बहुमत से अधिक सीटें जीतने की स्थिति में है।
रबी लामिछाने और बालेन शाह की बड़ी जीत
RSP अध्यक्ष रबी लामिछाने ने Chitwan-2 से भारी मतों से जीत दर्ज की। वहीं काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने भी अपनी सीट पर शानदार प्रदर्शन किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह जीत नेपाल में युवा नेतृत्व और बदलाव की राजनीति के उभार का संकेत मानी जा रही है।
पीएम मोदी ने दी बधाई
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने RSP की इस जीत पर पार्टी के शीर्ष नेताओं को फोन कर बधाई दी। उन्होंने रबी लामिछाने और बालेन शाह को चुनावी सफलता और पार्टी की जीत के लिए शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों के लोगों की समृद्धि, प्रगति और कल्याण के लिए काम करने को प्रतिबद्ध है।
भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीद
RSP अध्यक्ष रबी लामिछाने ने प्रधानमंत्री मोदी के बधाई संदेश का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि नेपाल की नई सरकार आपसी सम्मान और साझा समृद्धि पर आधारित भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “विकास कूटनीति” को प्राथमिकता देगी और भारत के साथ साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। इसमें विशेष रूप से कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक पर्यटन, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
नेपाल की राजनीति में बदलाव का संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार RSP की यह जीत नेपाल में राजनीतिक बदलाव की लहर को दर्शाती है। लंबे समय से सत्ता में रहे पारंपरिक दलों के मुकाबले इस बार युवा नेतृत्व और विकास-केंद्रित एजेंडा को जनता का समर्थन मिला है।
अब सभी की नजरें नई सरकार के गठन और उसकी नीतियों पर टिकी हैं, खासकर भारत-नेपाल संबंधों को आगे बढ़ाने के संदर्भ में।








