उत्तराखंड सरकार ने स्वच्छता और पेयजल-सैनिटेशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए देहरादून और हल्द्वानी में दो प्रमुख सीवरेज परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पूरे देहरादून शहर की समग्र मैपिंग कर प्राथमिकता तय की जाए ताकि कोई भी घर सीवरेज कनेक्टिविटी से वंचित न रह जाए। उन्होंने ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को अनाच्छादित क्षेत्रों की सूची तैयार कर शीघ्र नई डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा:
“लक्ष्य यह होना चाहिए कि देहरादून का एक भी घर सीवर नेटवर्क से बाहर न रहे। लास्ट माइल कनेक्टिविटी ही हमारी प्राथमिकता है।”
स्वीकृत सीवरेज परियोजनाएं
हल्द्वानी
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अटल मार्ग (नवाबी रोड) से दुर्गा सिटी चौराहा होते हुए कालाढूंगी रोड तक ट्रंक सीवरेज योजना
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अनुमानित लागत: ₹948.94 लाख
देहरादून
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साकेत कॉलोनी व कैनाल रोड क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क विस्तार
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अनुमानित लागत: ₹905.80 लाख
दोनों योजनाओं को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी गई है और कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
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श्री शैलेश बगौली – सचिव, पेयजल
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डॉ. वी. षणमुगम – सचिव
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एमडी, पेयजल निगम
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मुख्य अभियंता
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अन्य वरिष्ठ अधिकारी
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड को वर्ष 2030 तक पूर्णतः स्वच्छ और सीवरेज कनेक्टेड राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी शहरों और कस्बों में चरणबद्ध तरीके से सीवरेज मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।










