आगरा दहेज प्रताड़ना। दहेज प्रथा की क्रूरता को उजागर करने वाला एक बेहद विचलित करने वाला मामला सामने आया है। जगदीशपुरा थाना क्षेत्र की एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़िता का आरोप है कि उसकी सास ने घर के टॉयलेट और बाथरूम के इस्तेमाल पर रोक लगा दी और शर्त रखी कि यदि इन सुविधाओं का उपयोग करना है तो मायके से एक लाख रुपये लाने होंगे।
निकाह के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
पीड़िता के अनुसार, उसका निकाह 16 नवंबर 2020 को जुबैर नामक व्यक्ति के साथ हुआ था। शादी के दौरान उसके पिता ने काफी खर्च किया, लेकिन ससुराल पक्ष ने दहेज प्रताड़ना में एक लाख रुपये कम मिलने का आरोप लगाकर उसे लगातार प्रताड़ित किया।
आरोपितों में पति, सास, ससुर, देवर और ननद समेत कई परिजन शामिल हैं।
बुनियादी सुविधाओं से भी किया वंचित
पीड़िता ने बताया कि उसे घर में कमरे में रहने की जगह नहीं दी गई और छत पर रहने के लिए मजबूर किया गया।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि उसे शौचालय और बाथरूम इस्तेमाल करने से रोक दिया गया। मजबूरी में उसे कपड़ों की आड़ में नहाना पड़ता था।
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और अंततः उसे घर से निकाल दिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 498A आईपीसी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
जांच अधिकारी के अनुसार, आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मायके में रह रही है पीड़िता
फिलहाल पीड़िता अपने मायके में सुरक्षित है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
समाज में फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर दहेज प्रथा की अमानवीयता को उजागर करती है, जहां बुनियादी जरूरतों—जैसे शौचालय और स्नान—को भी पैसे से जोड़ा जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले की कड़ी निंदा करते हुए दहेज प्रताड़ना विरोधी कानूनों के सख्ती से पालन की मांग की है।
जांच जारी, कार्रवाई की तैयारी
उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







