उत्तर प्रदेश के पहले दिव्यांग पार्क को वोटिंग पार्क में बदलने के प्रस्ताव के खिलाफ अभिभावकों और इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन (IPA) का आंदोलन तेज हो गया है। दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया और पोस्टर-बैनर के साथ जागरूकता मार्च निकाला।
बच्चों की भावुक अपील — “हमारा पार्क मत तोड़ो” — ने मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
अवैध खुदाई का आरोप, काम रुकवाया गया
IPA की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी और महासचिव महिपाल सिंह ने बताया कि 19 दिसंबर की रात ग्रेड-4 प्रतिबंधों के बावजूद पार्क में कथित रूप से खुदाई कराई गई।
अभिभावकों के कड़े विरोध के बाद कार्य रोक दिया गया, लेकिन पार्क को मूल स्थिति में बहाल नहीं किया गया, जिससे अभिभावकों में आशंका बनी हुई है कि काम फिर शुरू हो सकता है।
सिर्फ पार्क नहीं, विकास का केंद्र
अभिभावकों का कहना है कि यह पार्क केवल मनोरंजन का स्थान नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों के:
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मानसिक विकास
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शारीरिक विकास
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सामाजिक समावेशन
का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसे व्यावसायिक गतिविधियों के लिए वोटिंग पार्क में बदलना मानवता और संवेदनशील शासन के सिद्धांतों के खिलाफ है।
“बच्चों का हक नहीं छीनने देंगे”
IPA पदाधिकारियों ने कहा,
“हम किसी भी कीमत पर इस पार्क को बच्चों के अधिकारों से छीनने नहीं देंगे। जरूरत पड़ी तो महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखेंगे।”

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का हवाला
अभिभावकों ने अपील की कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील हैं, तो प्रशासन को भी उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन दिव्यांग बच्चों के अधिकार, सम्मान और समान अवसरों की रक्षा के लिए है।

विशेष रूप से डिजाइन किया गया पार्क
यह पार्क दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, जहां वे:
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बिना किसी बाधा के खेल सकते हैं
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आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं
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समाज से जुड़ाव महसूस कर सकते हैं
अभिभावकों का कहना है कि ऐसे पार्क की कमी में यह एकमात्र सहारा है।

आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन
इस आंदोलन को स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
अभिभावकों ने संकेत दिया है कि यदि मांग नहीं मानी गई तो बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रशासन से पुनर्विचार की मांग
अभिभावकों और IPA ने प्रशासन से मांग की है कि:
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पार्क को यथावत रखा जाए
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किसी भी निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए
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बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए
बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल
अभिभावकों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक पार्क की नहीं, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य, आत्मसम्मान और अधिकारों की है।
उन्होंने संकल्प लिया है कि वे अपने बच्चों का यह हक हर हाल में सुरक्षित रखेंगे।










